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RO के पानी से उज्जैन के महाकाल का होगा अभिषेक

कैच ब्यूरो | Updated on: 27 October 2017, 15:35 IST

मध्यप्रदेश के उज्जैन में स्थित महाकाल के मंदिर में स्थित शिवलिंग की पूजा अब RO वाटर से होगी. कोर्ट ने ये आदेश शिवलिंग में हो रहे क्षरण को रोकने के लिए दिए. कोर्ट ने मंदिर प्रशासन को उन 8 सुझावों पर अमल करने की हरी झंडी दे है.

दरअसल, उज्जैन की याचिकाकर्ता सारिका गुरु द्वारा दायर की गई याचिका के बाद सुप्रीम कोर्ट ने जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया और आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की देहरादून, भोपाल और इंदौर की टीमें गठित कर महाकाल शिवलिंग की क्षरण की जांच के लिए टीम भेजी थी. जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ये फैसला लिया गया.

इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि महाकाल मंदिर के शिवलिंग को पंचामृत स्नान, भस्मारती में होने वाली कंडे की भस्म, शिवलिंग पर चढ़ने वाले जल, हार और फूल के अलावा मंदिर के गर्भगृह में दर्शन करने पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के शरीर की गर्मी से भी खतरा है.

ये होगें नये नियम

1-श्रद्धालु 500 मिलीलिटर से ज्यादा जल नहीं चढ़ाएंगे. चढ़ाया जाने वाला जल सिर्फ RO का होगा.

2-भस्म आरती के दौरान शिवलिंग को सूखे सूती कपड़े से पूरी तरह ढका जाएगा. अभी तक सिर्फ 15 दिन के लिए शिवलिंग को आधा ढका जाता था.

3-अभिषेक के लिए हर श्रद्धालु को निश्चित मात्रा में दूध या पंचामृत चढ़ाने की इजाज़त होगी.

4-शिवलिंग पर चीनी पाउडर लगाने की इजाज़त नहीं होगी, बल्कि खांडसारी के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जाएगा.

5-नमी से बचाने के लिए ड्रायर व पंखे लगाए जाएंगे और बेलपत्र व फूल-पत्ती शिवलिंग के ऊपरी भाग में चढ़ेंगे, ताकि शिवलिंग के पत्थर को प्राकृतिक सांस लेने में कोई दिक्कत न हो.

6-शाम 5 बजे के बाद अभिषेक पूरा होने पर शिवलिंग की पूरी सफाई होगी और इसके बाद सिर्फ सूखी पूजा होगी.  इसके अलावा अभी तक सीवर के लिए चल रही तकनीक आगे भी चलती रहेगी, क्योंकि सीवर ट्रीटमेंट प्लांट बनने में एक साल लगेगा.

First published: 27 October 2017, 15:35 IST
 
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