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सुप्रीम कोर्ट की फटकार- व्हाट्सऐप संदेशों को टैप कर 'निगरानी राज' बनाना चाहती है सरकार?

कैच ब्यूरो | Updated on: 14 July 2018, 10:05 IST

सोशल मीडिया कम्युनिकेशन हब बनाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार ने तलब किया है. ऑनलाइन डेटा पर निगरानी रखने के लिए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के मीडिया हब के गठन पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपना है. सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से सवाल किया कि क्या सरकार लोगों के वाहट्सएप्प मैसेज टैप करके ‘निगरानी राज’ चाहती है.

सुप्रीम कोर्ट ने ये कदम पश्चिम बंगाल से तृणमूल कांग्रेस के एक विधायक की जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद उठाया. याचिका से सहमत होते हुए कोर्ट ने कहा कि क्या सरकार व्हाट्सएप या अन्य सोशल मीडिया मंचों पर लोगों के संदेशों को टैप करना चाहती है.

दो हफ्ते में केंद्र सरकार को देना होगा जवाब

तृणमूल कांग्रेस के विधायक महुआ मोइत्रा ने इस मामले के खिलाफ याचिका दायर की थी. इस याचिका पर सुनवाई चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस ए एम खानविलकर एवं जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ की पीठ ने की जिसके बाद केंद्र को नोटिस जारी किया गया. इस मामले में अटॉर्नी जनरल के. के. वेणुगोपाल से भी सहयोग मांगा गया है.

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पीठ ने सरकार से सवाल किया, ‘क्या सरकार नागरिकों के व्हाट्सएप संदेशों को टैप करना चाहती है ? यह निगरानी राज बनाने जैसा होगा.' सिंघवी ने कहा , ‘वे सोशल मीडिया हब के जरिए सोशल मीडिया की विषयवस्तु की निगरानी करना चाहते हैं.’

सिंघवी की इस बात पर पीठ ने 20 अगस्त को टेंडर खुलने के पहले इस मामले को तीन अगस्त के लिए लिस्टेड कर दिया है. पीठ ने कहा कि अटॉर्नी जनरल अथवा सरकार का कोई भी विधिक अधिकारी इस मामले में न्यायालय की सहायता करेगा. इस मामले में पहले 18 जून को सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से मना कर दिया था.

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First published: 14 July 2018, 10:05 IST
 
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