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सुप्रीम कोर्ट: भीख मांगने से अच्छा है बार में डांस कर लें

कैच ब्यूरो | Updated on: 25 April 2016, 22:31 IST

मुंबई में डांस बार के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को कड़ी फटकार लगाई है. सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि सड़क पर भीख मांगने और गलत तरीकों से पैसा कमाने से अच्छा है कि महिलाएं डांस बार में काम कर लें.

कोर्ट ने ये भी कहा कि डांस बार में काम करने वाले लोगों की जांच करके उनका सत्यापन किया जाए. कोर्ट ने अश्लीलता को लेकर सरकार की चिंता पर कहा कि डांस बार पर रोक की बजाए अश्लीलता रोकने के नियम बनाएं.

dance bar

जस्टिस दीपक मिश्रा की बेंच ने सुप्रीम कोर्ट में मामले पर सुनवाई की. कोर्ट ने कहा कि किसी न किसी बहाने से महाराष्ट्र सरकार डांस बार पर बैन लगाने की कोशिश न करे. डांस बार में काम करके अगर कोई महिला पैसे कमाती है, तो ये उसका संवैधानिक अधिकार है. 

10 मई तक जवाब तलब

अदालत ने डांस बार के लाइसेंस देने के मामले में महाराष्ट्र सरकार के रवैए पर सवाल उठाए. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सरकार से 10 मई को फिर जवाब देने को कहा है.

महाराष्ट्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दिए अपने हलफनामे में कहा है कि 115 डांस बार ने पुलिस को जांच के लिए आमंत्रण नहीं दिया. 39 डांस बारों की जांच में पाया गया कि उन्होंने 26 शर्तों का पालन नहीं किया है. 

सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को डांस बार खोलने के लिए जरूरी उस नियम पर फटकार लगाई, जिसके तहत शिक्षण संस्थानों के एक किलोमीटर के दायरे में डांस बार नहीं खुल सकते.

MAHA BAR

अदालत ने कहा कि ये शर्त एक तरीके से प्रतिबंध है. जिसके बाद सरकार की ओर से भरोसा दिया गया कि नियम में संशोधन किया जाएगा.

महाराष्ट्र में डांस बार का मामला लंबे अरसे से कोर्ट की कार्रवाई और सरकार की सख्ती के बीच फंसा हुआ है. राज्य सरकार ने प्रदेश में डांस बार पर बैन लगा दिया था. जिसके बाद डांस बार मालिकों ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.

बार मालिकों की दलील थी कि सरकार के फैसले से हजारों लोग बेरोजगार हो जाएंगे. कोर्ट ने कुछ शर्तों के साथ डांस बार खोले जाने और उनके लाइसेंस जारी करने का आदेश दिया था.

First published: 25 April 2016, 22:31 IST
 
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