Home » इंडिया » Supreme court: CBI again start Rajiv Gandhi Assassination case
 

सुप्रीम कोर्ट: CBI फिर शुरू करे राजीव गांधी हत्याकांड की जांच

कैच ब्यूरो | Updated on: 1 May 2017, 16:10 IST
Rajiv Gandhi

सुप्रीम कोर्ट ने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को आदेश दिया है कि वो जांच को फिर से आगे बढ़ाये. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में आदेश देते हुए कहा कि जैन कमीशन की रिपोर्ट कहती है कि राजीव गांधी की हत्या की पूरी जांच होनी ही चाहिए.

न्यूज़ चैनल एनडीटीवी की खबर के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई से मामले की आगे जांच के लिए चार हफ्ते में सील बंद स्टेटस रिपोर्ट मांगी है. इसके साथ ही कोर्ट ने पूछा है कि सीबीआई यह भी बताए कि इस मामले की आगे जांच कब तक पूरी हो सकती है और केस में फरार आरोपियों के प्रत्यर्पण समेत क्या-क्या कानूनी अड़चनें आ रही हैं. सीबीआई ने इन अड़चनों के लिए क्या कदम उठाए हैं.  कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए 16 अगस्त की तरीख तय की है.

वहीं सीबीआई की ओर से कोर्ट को बताया गया कि राजीव हत्याकांड की जांच चल रही है, लेकिन इस मामले में यह बताना काफी मुश्किल है कि केस की जांच में कितना वक्त और लगेगा. इस मामले में फरार आरोपियों के प्रत्यर्पण में भी वक्त लग रहा है. जब तक इन आरोपियों को वापस नहीं लाया जाएगा जांच पूरी नहीं हो सकती.

गौरतलब है कि राजीव गांधी हत्याकांड में दो मामले दर्ज किए गए थे. एक केस में मुरगन, निलिनी, पेरारिवलन समेत सात लोगों को सजा हो चुकी है और वे उम्रकैद की सजा काट रहे हैं. दूसरे केस में लिट्टे चीफ प्रभाकरन, अकीला और पुट्टूअम्मन समेत 11 लोगों को साजिश का आरोपी बनाया गया था, इनमें से 9 लोग मर चुके हैं.

राजीव गांधी हत्याकांड के दोषी पेरारीवलन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर हत्याकांड की और जांच के आदेश देने की मांग की है. उसकी याचिका में कहा गया है कि जैन कमीशन की सिफारिश के आधार पर मामले की आगे जांच के लिए सीबीआई की देखरेख में मल्टी डिस्पलेनेरी मोनिटिरंग अथॉरिटी बनाई गई थी, लेकिन 18 साल बीत जाने पर भी जांच आगे नहीं बढ़ी. पेरारीवलन को राजीव गांधी हत्याकांड में साजिश रचने का दोषी करार दिया गया था और वह 26 साल से जेल में है.

First published: 1 May 2017, 16:10 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी