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सुप्रीम कोर्ट: चाइल्ड पोर्नोग्राफी पर बैन के मामले में केंद्र दो हफ्ते में जवाब दे

कैच ब्यूरो | Updated on: 28 March 2016, 20:11 IST

सुप्रीम कोर्ट ने चाइल्ड पोर्नोग्राफी सहित पोर्नोग्राफी पर पाबन्दी के मामले में सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार को जवाब देने के लिए 14 दिनों का वक्त दिया.

सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में केंद्र सरकार से कहा कि आप पोर्नोग्राफी साइट्स पर रोक लगाने के लिए क्या कदम उठा रहे हैं और जवाब देते समय हमें यह भी बताइये कि चाइल्ड पोर्नोग्राफी पर बैन करने के लिए आप कौन सा कदम उठा रहे हैं.

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सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में अपनी पिछली सुनवाई में कहा था कि देश में अभिव्यक्ति की आजादी का यह मतलब कतई नहीं है कि सार्वजनिक स्थानों पर पॉर्न फिल्में देखने की स्वतंत्रा होनी चाहिए.

यह टिप्पणी सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार का जवाब सुनने के बाद की थी. केंद्र सरकार पहले ही यह दलील दे चुकी है कि भारत में पॉर्न साइटों पर पाबंदी लगाना मुश्किल भरा काम है, क्योंकि पोर्नोंग्राफी की ज्यादातर वेबसाईट्स के डोमेन विदेशों में स्थित हैं. 

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सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को चाइल्ड पॉर्नोग्राफी पर अंकुश कैसे लगाया जाए, इस मामले में पर हलफनामा दायर करने के लिए कहा था. केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को चाइल्ड पोर्नोग्राफी बैन के बारे में जवाब देते हुए बताया हमने इस पर पाबंदी लगाने के लिए काम शुरू कर दिया है.

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गौरतलब है कि इससे पूर्व सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा था कि इस मामले में बच्चे अब और दर्दनाक स्थिति के शिकार नहीं हो सकते हैं. अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर देश बच्चों के साथ और प्रयोग नहीं कर सकता है. सुप्रीम कोर्ट इस मामले में अगली सुनवाई 25 अप्रैल को करेगी.

First published: 28 March 2016, 20:11 IST
 
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