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जस्टिस जोसेफ मामले में कोलेजियम की बैठक में हो सकता है ये फैसला

कैच ब्यूरो | Updated on: 2 May 2018, 9:53 IST

जस्टिस के. एम जोसेफ की सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति को लेकर सरकार और न्यायपालिका के बीच चल रहा विवाद अभी जारी है. अब सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम इस मुद्दे को निपटाने की कोशिश करेगी. सुप्रीम कोर्ट के टॉप 5 जस्टिस कोलेजियम की बैठक करेंगे. इस बैठक में जस्टिस के. एम जोसेफ की नियुक्ति के बारे में चर्चा की जाएगी. ये बैठक बुधवार को हो सकती है.

सूत्रों के मुताबिक एससी कोलेजियम जस्टिस के. एम. जोसेफ की नियुक्ति रोकने से संतुष्ट नहीं है और ना ही सरकार के तर्कों पर संतुष्टी दिख रही है. बता दें कि केंद्र सरकार ने जस्टिस के. एम. जोसेफ की नियुक्ति से जुड़ी फाइल को वापस कर दिया था, जिसपर काफी हंगामा मचा है.

कोलेजियम में ये जस्टिस होंगे शामिल

कोलेजियम की होने वाली बैठक में चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस जे. चेलमेश्वर, जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस मदन लोकुर और जस्टिस कुरियन जोसेफ शामिल हैं. सभी जज जस्टिस के. एम. जोसेफ की नियुक्ति पर सरकार के जवाब पर चर्चा करेंगे.

इस मुद्दे के कई जज उठा चुके हैं सवाल

बता दें कि जस्टिस के. एम जोसेफ की सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति को लेकर एससी के कई मौजूदा और पूर्व जज अपनी प्रतिक्रिया दे चुके हैं. पहले जस्टिस चेलमेश्वर, उसके कुछ हफ्तों बाद जस्टिस कुरियन जोसफ और पिछले हफ्ते जस्टिस मदन बी लोकुर ने भी चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा को चिट्ठी लिखकर सुप्रीम कोर्ट की गरिमा बचाने और सरकार की मनमानी रोकने के उपाय करने पर ज़ोर दिया. जिसमें इन उपायों के तलाश के लिए फुलकोर्ट यानी सभी जजों की बैठक बुलाने की मांग की गई थी.

सरकार की ओर से दिए गए ये तर्क

जस्टिस के. एम जोसेफ की सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति को लेकर चर रहे विवाद में सरकार ने तर्क दिया था कि वरिष्ठता के आधार पर जस्टिस के. एम. जोसेफ का नंबर 42वां है. अभी भी हाईकोर्ट के करीब 11 जज उनसे सीनियर हैं. इसलिए जस्टिस के. एम जोसेफ की सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति नहीं की जा सकती.

इसके साथ ही ये कहा गया कि कलकत्ता, छत्तीसगढ़, गुजरात, राजस्थान, झारखंड, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और कई हाईकोर्ट के अलावा सिक्किम, मणिपुर, मेघालय के प्रतिनिधि अभी सुप्रीम कोर्ट में नहीं हैसरकार ने ये भी तर्क दिया कि जस्टिस के. एम. जोसेफ केरल से आते हैं, अभी केरल के दो हाईकोर्ट जज सुप्रीम कोर्ट में हैं.

वहीं सरकार ने ये भी तर्क दिया कि पिछले काफी समय से सुप्रीम कोर्ट में SC/ST का कोई प्रतिनिधित्व नहीं है. सरकार ने कहा था कि कोलेजियम सिस्टम सुप्रीम कोर्ट का ही एक सिस्टम है. अगर केरल के ही एक और हाईकोर्ट जज की नियुक्ति की जाती है तो यह सही नहीं होगा.

 

विपक्ष ने उठाए सवाल

एससी में जस्टिस के रूप में जस्टिस के.एम जोसेफ के नाम को मंजूरी ना दिए जाने पर विपक्ष ने सरकार पर हमला बोला. कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने कहा कि हमें लगातार कह रहे हैं कि न्यायपालिका खतरे में है. कानून कहता है कि सुप्रीम कोर्ट का कोलेजियम कहता है वही होगा, जबकि सरकार चाहती है कि अगर उनके मन मुताबिक नहीं हुआ तो कोलेजियम की सिफारिशों को नजरअंदाज करेगी और उसे मंजूरी नहीं देगी.

कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने ये भी कहा कि बीजेपी कहती है कि देश बदल रहा है, लेकिन हम कहते हैं कि देश बदल चुका है. आज सरकार न्यायपालिका के साथ जो बर्ताव कर रही है, वह पूरा देश जानता है. सरकार की मंशा साफ है कि वह जस्टिस जोसेफ को जज नहीं बनने देंगे.

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First published: 2 May 2018, 9:53 IST
 
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