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जस्टिस जोसेफ की नियुक्ति को लेकर तीसरी बैठक में एक राय नहीं बना पाए कोलेजियम के जज

कैच ब्यूरो | Updated on: 17 May 2018, 11:29 IST

10 जनवरी 2018 को CJI दीपक मिश्रा की अगुवाई में पांच जजों की कोलेजियम ने वरिष्ठ अधिवक्ता इंदु मल्होत्रा और उत्तराखंड के चीफ जस्टिस केएम जोसेफ को सुप्रीम कोर्ट का जज बनाने का सुझाव दिया था, लेकिन केंद्र की भाजपा सरकार ने सिर्फ वरिष्ठ वकील इंदू मल्होत्रा के जज बनने को अपनी मंजूरी दी थी. जिसे लेकर सरकार पर सवाल उठे थे. इसे लेकर 16 मई को कोलिजियम की तीसरी बार बैठक हुई. लेकिन इस बार भी कोलेजियम में आम सहमति नहीं बन पाई. 

कोलेजियम ने एक बार फिर जस्टिस केएम जोसेफ का नाम केंद्र सरकार को भेजने को लेकर फैसला स्थगित कर दिया. सर्वोच्च अदालत ने कहा कि अभी तक जस्टिस जोसेफ को लेकर कोई फैसला नहीं लिया गया है.

कोलेजियम में शामिल पांचों सीनियर जजों मुख्य न्यायधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति जे चेलामेश्वर, न्यायमूर्ति रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति मदन बी लोकूर और न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ की बुधवार को बैठक हुई. बैठक में जस्टिस जोसेफ के नाम को लेकर तीसरी बार भी सहमति नहीं बन पाई. इस तरह एक बार फिर जस्टिस जोसेफ का नाम केंद्र सरकार को भेजने को लेकर फैसला टल गया.

बता दें कि कोलेजियम ने इसी साल 10 जनवरी को इंदु मल्होत्रा और जस्टिस केएम जोसेफ का नाम सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त करने के लिए भेजा था. तब सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम ने लिखा था, "केएम जोसेफ सुप्रीम कोर्ट के जज बनाए जाने के लिए हाई कोर्ट के दूसरे मुख्य न्यायाधीशों और वरिष्ठ जजों से ज्यादा योग्य और पात्र हैं."

वहीं केंद्र की मोदी सरकार ने जस्टिस जोसेफ का नाम यह कहकर पुनर्विचार के लिए भेजा है कि हाई कोर्ट के जजों में वो वरिष्ठता क्रम में उनसे ऊपर कई न्यायाधीश हैं. केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने CJI को भेजे पत्र में लिखा कि जस्टिस जोसेफ के नाम पर पुनर्विचार के अनुरोध को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सहमति के साथ भेजा जा रहा है.

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उन्होंने लिखा था कि हाई कोर्ट के जजों की लिस्ट में जस्टिस जोसेफ का 42वां स्थान है और सुप्रीम कोर्ट में केरल हाई कोर्ट का पहले से पर्याप्त प्रतिनिधत्व है. जस्टिस केएम जोसेफ की मूल नियुक्ति केरल हाई कोर्ट में हुई थी.

First published: 17 May 2018, 11:29 IST
 
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