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सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी- देश के कानून का पालन करे मोदी सरकार

कैच ब्यूरो | Updated on: 9 August 2018, 9:31 IST

जनहित याचिकाओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट और केंद्र की मोदी सरकार आमने-सामने हैं. बुधवार (9 अगस्त) को केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि वह जनहित याचिकाओं पर तीखी टिप्पणी करने से बचे. सरकार ने कहा कि इससे देश में फैले कई मुद्दों पर असर होता है. वहीं इसके जवाब में सुप्रीम कोर्ट ने पलटवार करते हुए कहा कि जज भी नागरिक हैं और देश के सामने खड़ी समस्याओं को जानते हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार देश के कानून का पालन करे. इसके अलावा स्पष्ट किया कि वह हर बात के लिए सरकार की आलोचना नहीं कर रहा है. बता दें कि सुप्रीम कोर्ट की पीठ देश की 1382 जेलों में व्याप्त अमानवीय स्थिति से संबंधित एक मामले की सुनवाई कर रही थी. इस पर अटॉर्नी जनरल और न्यायमूूर्ति मदन बी लोकुर की अध्यक्षता वाली पीठ में तीखी टिप्पणी देखी गई.

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अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर की अध्यक्षता वाली पीठ से कहा कि वह शीर्ष अदालत की आलोचना नहीं कर रहे हैं, लेकिन देश में बहुत समस्याएं हैं और अतीत में उसके आदेशों व फैसलों ने ऐसी स्थिति पैदा की, जिससे लोगों को अपनी नौकरियां तक गंवानी पड़ी. अटॉर्नी जनरल ने पीठ को बताया कि देश में कई समस्याएं हैं और अदालत को सरकार द्वारा की गई प्रगति पर भी गौर करना चाहिए.

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वहीं न्यायमूर्ति लोकुर ने कहा कि हम यह स्पष्ट कर रहे हैं कि हमने हर चीज के लिए सरकार की आलोचना न तो की है और न ही कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह माहौल मत बनाइए कि हम सरकार की आलोचना कर रहे हैं और उसे उसका काम करने से रोक रहे हैं. आप अदालत के सकारात्मक निर्देशों को भी देखिए.

First published: 9 August 2018, 9:31 IST
 
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