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सुप्रीम कोर्ट: हिंसा में हुए संपत्ति नुकसान की भरपाई आंदोलनकारी संगठन करें

कैच ब्यूरो | Updated on: 24 February 2016, 18:49 IST

गुजरात में पटेलों के आरक्षण आंदोलन के दौरान प्रदर्शन में हुए संपत्ति के नुकसान को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए कहा कि संपत्ति का नुकसान पहुंचाने के लिए उन संगठनों से मुआवजा वसूला जाना चाहिए जिन्होंने आंदोलन का आह्वान किया था.

कोर्ट ने कहा कि अपनी मांगों को पूरा करवाने के लिए इस तरह की हिंसा करना बिल्कुल गलत है. सुप्रीम कोर्ट की यह टिप्पणी तमाम आंदोलनों के नाम पर तोडफोड़ करने और संपत्ति को नुकसान पहुंचानों के लिए थे. उच्चतम न्यायालय के अनुसार इस तरह से तोडफ़ोड़ करने वालों के खिलाफ दिशानिर्देश बनाने की जरूरत है.

सुप्रीम कोर्ट ने ये बातें गुजरात में पाटीदार आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई हिंसा और हार्दिक पटेल के मामले की सुनवाई के दौरान कहीं, लेकिन कोर्ट ने जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई संपत्ति नुकसान के बारे में कोई टिप्पणी नहीं की.  

गौरतलब है कि पटेल के आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन के दौरान संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया था. इसके साथ ही हरियाणा में भी जाट आरक्षण की मांग के दौरान भी काफी नुकसान पहुंचाया गया है.

इसमें सरकारी और निजी दोनों संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया है. बता दें कि हाल ही में हरियाणा में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुए उपद्रव में 21 फरवरी तक ही 20,000 करोड़ का नुकसान हुआ था, जोकि अभी तक मिले आंकड़ों के अनुसार 34 हजार करोड़ रुपए तक जा पहुंचा है.

First published: 24 February 2016, 18:49 IST
 
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