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Section 377 Verdict: इन 13 देशों में समलैंगिक संबंध बनाना है संगीन अपराध, मिलती है मौत की सज़ा

कैच ब्यूरो | Updated on: 6 September 2018, 15:44 IST
(file photo )

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को समलैंगिकता को लेकर एक ऐतिहासिक फैसला दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने समलैंगिकता वैद्य करार दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि समलैंगिगता अवैध नहीं है. समलैंगिग लोगों को भी समाज में जीने का अधिकार है. देश की सर्वाच्च अदालत ने कहा है कि यौन आकर्षण नेचुरल है. इससे इनकार नहीं किया जा सकता है. धारा 377 को अपराध घोषित करने का मतलब उस समुदाय की भावना का सम्मान नहीं करना होगा.

कोर्ट के इस फैसले के साथ ही अब भारत में समलैंगिगता को मंजूरी मिल गई है. लेकिन दुनिया में कई ऐसे देश हैं, जहां समलैंगिग रिश्ते रखने पर मौत की सजा दी जाती है. दुनिया के 13 देशों में समलैंगिकता को अपराध माना जाता है. वहां पर इसके लिए मौत की सजा का प्रावधान है.

ये 13 देश जहां समलैंगिक संबंध बनाने पर मिलती है मौत की सजा

दुनिया के 13 देशों में समलैंगिग संबंधों को अपराध की श्रेणी में रखा गया है. इन देशों में समलैंगिग संबंधों के लिए मौत की सजा तक दी जाती है. इन देशों में सोमालिया, नाइजीरिया, अफगानिस्तान, पाकिस्तान, कतर, सुडान, ईरान, सऊदी अरब, और यमन में मौत की सजा दी जाती है। जबकि इंडोनेशिया समेत कुछ देशों में समलैंगिग सबंध बनाने के लिए मौत की सजा दी जाती है. वहीं कुछ अन्य देशों में इसको अपराध की श्रेणी में रखा गया है.

वो देश जहां समलैंगिता को मिली है मान्यता

वहीं,कुछ ऐसे देश भी हैं, जहां पर समलैंगिगता को मान्यता दी गई है. समलैंगिक संबंधों को करीब 26 देशों में मान्यता दी गई है. इन देशों में समलैंगिक महिला और पुरुष को शादी करने की तक की अनुमति है. समलैंगिकता को मान्यता देने वाले देशों की सूची में आइसलैंड, पुर्तगाल, अर्जेंटीना, बेल्जियम, कनाडा, स्पेन, फ्रांस, ब्राजील, इंग्लैंड, स्कॉटलैंड, दक्षिण अफ्रीका, नॉर्वे, स्वीडन, कोलंबिया, जर्मनी, माल्टा, लग्जमबर्ग, फिनलैंड, आयरलैंड, ग्रीनलैंड, डेनमार्क, उरुग्वे, न्यूजीलैंड शामिल हैं. इन देशों में पहले से ही समलैंगिक संबंधों को मान्यता मिली है. अब इस श्रेणी में भारत का भी नाम जुड़ गया है.

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First published: 6 September 2018, 14:51 IST
 
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