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सुप्रीम कोर्ट ने डीजल गाड़ियों पर लगाया बैन: 2000 सीसी से ज्यादा का पंजीकरण नहीं

अमित कुमार बाजपेयी | Updated on: 16 December 2015, 13:44 IST
QUICK PILL
  • दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने राजधानी समेत पूरे एनसीआर में 2000 सीसी से ज्यादा क्षमता वाली डीजल गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन पर फिलहाल रोक लगा दी है.
  • व्यावसायिक वाहनों पर ग्रीन टैक्स भी दोगुना कर दिया गया है. पहले जो ग्रीन टैक्स 700 और 1300 रुपये था उसे अब 1400 और 2600 रुपये कर दिया गया है.

दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने राजधानी समेत पूरे एनसीआर में 2000 सीसी से ज्यादा क्षमता वाली डीजल गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन पर फिलहाल रोक लगा दी है. अगले तीन माह तक यह आदेश लागू रहेगा. 

सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि 2000 सीसी से ज्यादा इंजन क्षमता वाले डीजल वाहनों के रजिस्ट्रेशन पर रोक आगामी 1 जनवरी 2016 से लगाई जाएगी. यह पाबंदी 31 मार्च तक जारी रहेगी. सर्वोच्च न्यायालय का तर्क है कि इस आदेश का आम आदमी पर असर नहीं होगा. 

इसके अलावा व्यावसायिक वाहनों पर ग्रीन टैक्स भी दोगुना कर दिया गया है. पहले जो ग्रीन टैक्स 700 और 1300 रुपये था उसे अब 1400 और 2600 रुपये कर दिया गया है.

वहीं, कोर्ट ने डीजल की जगह सीएनजी टैक्सी ही चलाने की अनुमति दी है. जबकि दिल्ली के बाहर के 2005 से पहले के रजिस्टर्ड वाहनों को राजधानी में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी. भारी वाहन जैसे ट्रक जिन्हें दिल्ली में नहीं जाना है उन्हें नेशनल हाईवे से ही बिना दिल्ली में घुसे बाहर से ही डायवर्ट कर दिया जाएगा. 

नेशनल हाईवे 1 और 8 से राजधानी के बाहर के व्यावसायिक वाहन दिल्ली में प्रवेश की अनुमति नहीं पा सकेंगे. साथ ही यातायात पुलिसकर्मियों को मास्क देने का भी आदेश दिया गया है. 

मंगलवार को ही दे दिए थे संकेत

राजधानी में प्रदूषण को लेकर गंभीर सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार को ही संकेत दे दिए थे कि दिल्ली से बाहर के वाहनों को प्रवेश करने पर दोगुना ग्रीन टैक्स देना होगा. जबकि 2000 सीसी से ज्यादा क्षमता वाले डीजल वाहनों पर रोक लगाने की उम्मीद थी. बुधवार को यह संभावना पुख्ता हो गई और कोर्ट ने आदेश जारी कर दिए. 

15 साल में दोगुना हुई वाहन संख्या

कोर्ट में बताया गया कि वर्ष 2000 से लेकर 2015 तक वाहनों की संख्या तकरीबन दोगुनी हो गई है. यानी इस दौरान वाहनों की संख्या में 97 फीसदी इजाफा होते हुए यह संख्या 85 लाख पर पहुंच गई. चौंकाने वाली बात यह है कि दुनिया के प्रमुख शहर जैसे लॉस एंजेल्स में यह संख्या 65 लाख और न्यूयॉर्क में 77 लाख है. इतना ही नहीं दिल्ली में डीजल वाहनों की संख्या में भी 30 फीसदी का इजाफा हुआ है. 

लोगों की जान खतरे में है

मालूम हो कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने कुछ दिन पहले आदेश जारी कर सभी तरह की डीजल गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन पर रोक लगा दी थी और 15 साल पुराने डीजल वाहनों पर भी प्रतिबंध लगा दिया था. इसके बाद कार डीलरों ने याचिका दायर कर मांग की थी कि निर्माण की जा चुकी कारें बेचने की अनुमति दे दी जाए. 

मंगलवार को अदालत ने इस संबंध में कहा था कि लोगों की जान खतरे में है और आपको गाड़ियां बेचनी हैं. अमीर लोग अपनी महंगी एसयूवी और लग्जरी गाड़ियों में बैठकर प्रदूषण नहीं फैला सकेंगे. 

BMW_Guenter Schiffmann/Bloomberg via Getty Images

यह लग्जरी गाड़ियां होंगी प्रभावित

  • बीएमडब्लू 5,6,7, एक्स3, एक्स5, एक्स6, एम
  • ऑडी क्यू5, ऑडी ए8, क्यू7
  • महिंद्रा स्कॉर्पियो, जाइलो, सैंगयॉन्ग रेक्सटॉन, थार, बोलेरो
  • मर्सडीज बेंज ए, बी, सी, ई, एस, सीएलएस, जीएलई, जीएल क्लास
  • शेव्रोले टवेरा, ट्रेलब्लेजर, कैप्टिवा
  • माजेराटी गिबली, क्वार्टोपोर्ट
  • वोल्वो एस60, एस 80, एक्ससी60
  • टाटा सफारी, टाटा सूमो, आरिया, मूवस, सफारी स्टॉर्म
  • पोर्शे कैन्ने, मैकन, पैनामेरा
  • जगुआर एक्सजे, एक्सएफ 
  • इसुजु एमयू7
  • मित्सुबिशी पजेरो
  • लैंड रोवर फ्रीलैंडर 2, डिस्कवरी, डिस्कवरी 4, रेंज रोवर स्पोर्ट
  • टोयोटा इन्नोवा, लैंड क्रूजर प्राडो, लैंड क्रूजर 200, फॉर्च्यूनर
  • फोर्स वन एसयूवी
  • कॉन्क्वेस्ट इवेड

सिर्फ सीएनटी टैक्सी चलेंगी

सर्वोच्च न्यायालय ने सरकार को सभी नियमों को सख्ती से लागू करने का आदेश देते हुए यह भी फैसला सुनाया कि राजधानी में सभी टैक्सियां अब केवल सीएनजी से ही चलेंगी. 

वहीं, खुले में कूड़ा जलाने पर रोक के नियम को सख्ती से लागू करने के साथ ही निर्माणाधीन स्थलों पर हवा में धूल-मिट्टी न मिल पाए इसके पुख्ता इंतजाम करने को कहा है.

First published: 16 December 2015, 13:44 IST
 
अमित कुमार बाजपेयी @amit_bajpai2000

पत्रकारिता में एक दशक से ज्यादा का अनुभव. ऑनलाइन और ऑफलाइन कारोबार, गैज़ेट वर्ल्ड, डिजिटल टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल, एजुकेशन पर पैनी नज़र रखते हैं. ग्रेटर नोएडा में हुई फार्मूला वन रेसिंग को लगातार दो साल कवर किया. एक्सपो मार्ट की शुरुआत से लेकर वहां होने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों-संगोष्ठियों की रिपोर्टिंग.

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