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उत्तराखंड में 10 मई को बहुमत परीक्षण, नौ बागी नहीं दे सकेंगे वोट

कैच ब्यूरो | Updated on: 6 May 2016, 17:21 IST

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार निर्देश दिया है कि उत्तराखंड विधानसभा में 10 मई को बहुमत परीक्षण कराया जाए. इससे पहले केंद्र सरकार ने अदालत से कहा था कि वो फ्लोर टेस्ट कराने के लिए तैयार है. 

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को सलाह दी थी कि वो उत्तराखंड में बहुमत परीक्षण कराने पर विचार करे. अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने केंद्र की ओर से हरी झंडी देते हुए पर्यवेक्षक की निगरानी में बहुमत परीक्षण की मांग की.


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उत्तराखंड में 27 मार्च से राष्ट्रपति शासन लागू है. नैनीताल हाई कोर्ट ने 22 अप्रैल को राज्य के अपदस्थ मुख्यमंत्री हरीश रावत की याचिका पर राष्ट्रपति शासन हटाने का आदेश दिया था. 

लेकिन हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ अगले ही दिन केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था. सुप्रीम कोर्ट ने बहुमत परीक्षण के लिए 10 मई को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने के निर्देश दिए हैं.

पढ़ें:सुप्रीम कोर्ट: उत्तराखंड में बहुमत परीक्षण पर विचार करे केंद्र सरकार

सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस दीपक मिश्रा और जस्टिस शिवकीर्ति सिंह की डबल बेंच ने मामले पर सुनवाई की. अदालत ने झारखंड के रामेश्वर केस का हवाला देते हुए बहुमत परीक्षण को लेकर केंद्र सरकार से राय मांगी थी.

जिस पर अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा था कि केंद्र सरकार इस पर गंभीरता से विचार कर रही है.

नौ बागी नहीं कर सकेंगे वोटिंग


10 मई को होने वाले बहुमत परीक्षण में अयोग्य ठहराए गए कांग्रेस के नौ बागी विधायक शामिल नहीं हो पाएंगे. मंगलवार को सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे के बीच फ्लोर टेस्ट होगा.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा," अभी के हालात में जिन नौ विधायकों की सदस्यता स्पीकर ने सही या गलत तरीके से रद्द की है,उन्हें विश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग में हिस्सा लेने की इजाजत नहीं दी जा सकती."

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इससे पहले हाई कोर्ट ने 29 अप्रैल को बहुमत परीक्षण का आदेश दिया था. लेकिन सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद फ्लोर टेस्ट टल गया था. उत्तराखंड में 18 मार्च को वित्त विधेयक को लेकर सियासी संकट खड़ा हो गया था.

स्पीकर गोविंद सिंह कुंजवाल ने वित्त विधेयक को ध्वनि मत से पारित बताया था, लेकिन कांग्रेस के नौ विधायकों और विपक्ष का आरोप था कि मत विभाजन की उनकी मांग को खारिज कर दिया गया. 

पढ़ें:उत्तराखंड: कोर्ट ने केंद्र सरकार को दिया करारा झटका

बहुमत परीक्षण की वीडियोग्राफी


साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि सदन में बहुमत परीक्षण के दौरान कार्यवाही की वीडियो रिकॉर्डिंग कराई जाए. अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा है कि बहुमत परीक्षण के अगले दिन 11 मई को प्रमुख सचिव वीडियोग्राफी का रिकॉर्ड अदालत में पेश करेंगे. 

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अदालत ने कहा कि दस मई के विशेष सत्र का एक ही एजेंडा होना चाहिए कि सदस्य सदन में सुरक्षित पहुंच सकें. सुप्रीम कोर्ट ने राज्य के मुख्य सचिव और डीजीपी को इसके लिए विशेष निर्देश दिए हैं. 

सुप्रीम कोर्ट में पेश होगी रिकॉर्डिंग


सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि प्रमुख सचिव (विधानसभा) बहुमत परीक्षण की कार्यवाही की निगरानी करेंगे साथ ही इसकी वीडियोग्राफी भी कराई जाए. 

सुप्रीम कोर्ट ने साथ ही कहा कि बहुमत परीक्षण की कार्यवाही के दौरान उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन को निलंबित रखा जाएगा.

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उत्तराखंड में 27 मार्च से राष्ट्रपति शासन लागू है. नैनीताल हाईकोर्ट ने 22 अप्रैल को राष्ट्रपति शासन हटाने का आदेश दिया था, लेकिन 23 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने फैसले पर रोक लगा दी थी.

First published: 6 May 2016, 17:21 IST
 
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