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Ayodhya Case: सुप्रीम कोर्ट ने रद्द की सभी पुनर्विचार याचिकाएं

कैच ब्यूरो | Updated on: 12 December 2019, 16:58 IST

सुप्रीम कोर्ट(Supreme Court) ने गुरूवार को अयोध्या मामले में दायर सभी पुनर्विचार याचिकाओं(Ayodhya Review Petition) को खारिज कर दिया है. गुरूवार को एक बंद चैंबर में पांच न्यायाधीशों की संवैधानिक बेंच ने उनके सामने 9 नवंबर को दिए गए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर की गई 18 पुनर्विचार याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया है.

पांच न्यायाधीशों की संवैधानिक पीठ में न्यायमूर्ति मुख्य न्यायाधीश एस एस बोवड़े, न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति अशोक भूषण, न्यायमूर्ति अब्दुल नज़ीर के साथ न्यायमूर्ति संजीव खन्ना शामिल हुए. न्यायमूर्ति संजीव खन्ना भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की जगह शामिल हुए. न्यायमूर्ति रंजन गोगोई बीते दिनों ही रिटायर हुए हैं.


सुप्रीम कोर्ट ने 9 दिसंबर को अयोध्या राम जन्मू भूमि मामले में फैसला सुनाया था(Supreme Court Ayodhya Verdict) और विवादित भूमि राम-लला विराजमान को दी थी. जबकि मस्जिद निर्माण के लिए 5 एकड़ भूमि उत्तर प्रदेश सुन्नी वक्फ बोर्ड को आवंटित करने के आदेश दिया था.

 

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद सबसे पहले 2 दिसंबर को पहली पुनर्विचार याचिका दायर की गई. यह याचिका एम सिदि्दकी के कानूनी वारिस मौलाना सैयद अशहद रशिदी ने दायर की थी. इस मामले में दूसरी पुनर्विचार याचिका 6 दिसंबर को मौलाना मुफ्ती हसबुल्ला, मोहम्मद उमर, मौलाना महफूजुर रहमान, हाजी महबूब और मिसबाहुद्दीन ने दायर कीं. 

6 दिसंबर को जो याचिका दायक की गई हैं उन्हें ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का समर्थन है. इसके अलावा इस मामले में 9 दिसंबर को दो पुनर्विचार याचिकायें और दायर की गई थीं. इस मामले पर सुनवाई से पहले एक दिन पहले निर्मोही अखाड़ा ने भी देशी की सर्वोच्च अदालत का रूख किया था. निर्मोही अखाड़ा ने अपनी याचिका में उसके प्रतिनिधित्व को परिभाषित करने को लेकर स्पष्टीकरण की मांग की थी. अयोध्या मामले पर कुल मिलाकर 18 याचिकाएं दाखिल हुई थी, जिसमें 9 याचिकाएं पक्षकारों की ओर से हैं और जबकि शेष 9 अन्य याचिकाकर्ता हैं.

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First published: 12 December 2019, 16:37 IST
 
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