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राफेल विवाद: 'कांग्रेस ने राजनीतिक फायदे के लिए बोला झूठ, राहुल गांधी मांगें माफी'

कैच ब्यूरो | Updated on: 14 December 2018, 12:20 IST
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सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को राफेल डील मामले में मोदी सरकार को बड़ी राहत दी है. सीजेआई रंजन गोगोई ने कहा कि ऑफसेट पार्टनर की पसंद को लेकर हस्तक्षेप करने का कोई कारण नहीं है. इसके बाद बीजेपी कांग्रेस पर हमलावर हो गई है. बीजेपी ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मामले में माफी मांगने की बात कही है.

वहीं गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि मामला शुरुआत से क्रिस्टल स्पष्ट था और हम कह रहे हैं कि कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोप निराधार थे और राजनीतिक लाभ हासिल करने के लिए हैं. सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद राजनाथ सिंह ने कहा कि आज स्थिति पूरी तरह से साफ हो गई है कि जो भी आरोपी कांग्रेस पार्टी लगा रही थी वो निराधार थे और उनमें कोई दम नहीं था.

उन्होंने कहा, "जनता की आंखों में धूल झोंककर राजनीतिक क्षेत्र में भी लंबे समय तक भी कामयाबी हासिल नहीं की जा सकती. हमें विश्वास है कि जो भी राफेल डील हुई है वह बहुत निष्पक्ष और ईमानदार है. इससे पहले दसॉल्ट के सीईओ ने भी स्थिति पूरी तरह से साफ कर दी थी. मैं समझता हूं कि सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आने के बाद दूसरी कोई कमिटी बनाने का प्रश्न नहीं उठता."

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बता दें कि कांग्रेस पार्टी लगातार राफेल डील को लेकर मोदी सरकार को घेरती रही है. पांच राज्यों की चुनावी रैलियों में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी मोदी सरकार पर हमलावर रहे हैं. उन्होंने कई बार तो चौकीदार चोर है जैसे नारे भी दिए हैं. कई बार ट्वीट के जरिए भी राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरा है.

दरअसल, भारत ने करीब 58,000 करोड़ रुपए की कीमत से 36 राफेल विमान खरीदने के लिए फ्रांस के साथ समझौता किया है. भारतीय वायुसेना की मारक क्षमता में सुधार करने की बात कहकर यह समझौता किया गया है.

First published: 14 December 2018, 12:11 IST
 
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