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जय लोया केस: सुप्रीम कोर्ट का SIT जांच से इनकार

कैच ब्यूरो | Updated on: 19 April 2018, 11:23 IST

सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस लोया केस की SIT से जांच कराने की मांग ठुकरा दी है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अब जस्टिस लोया केस में कुछ नहीं है. कोर्ट ने कहा कि केस को देख रहे जजों पर संदेह करने का कोई कारण नहीं है. कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ताओं की मंशा न्यायपालिका को खराब करना है. 

सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों की बेंच ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि जज लोया के मामले में जांच के लिए दी गई अर्जी में कोई दम नहीं है. कोर्ट ने यह भी कहा कि चार जजों के बयान पर संदेह का कोई कारण नहीं है. उनके बयान पर संदेह करना संस्थान पर संदेह करना जैसा होगा.

बता दें कि कांग्रेस नेता तहसीन पूनावाला, पत्रकार बीएस लोने, बांबे लॉयर्स एसोसिएशन सहित अन्य कई पक्षकारों की ओर से जस्टिस लोया की मौत के मामले में याचिका दायर की गई थी. याचिका में जस्टिस लोया के मौत की जांच SIT से कराने की मांग की गई थी. इन याचिकाओं पर चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन जजों की पीठ ने फैसला सुनाया.

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गौरतलब है कि जज लोया की मौत साल 2014 में उस समय हुई थी जब वह 2005 में कथित फर्जी मुठभेड़ में गैंगस्टर सोहराबुद्दीन शेख, उसकी पत्नी कौसर बी और उसके सहयोगी तुलसी प्रजापति के मारे जाने से जुड़े मामले की सुनवाई कर रहे थे. न्यायाधीश लोया अपने सहयोगी न्यायाधीश की पुत्री के विवाह में शामिल हो गये थे जहां एक दिसंबर, 2014 को कथित रूप से हृदय गति रुक जाने से उनकी मृत्यु हो गयी थी.

जस्टिस लोया की मौत पर परिवार के संदेह को लेकर अंग्रेजी मैगजीन 'द कैरवां' में एक विस्तृत रिपोर्ट प्रकाशित हुई थी. इस रिपोर्ट के बाद देश के कई हिस्सों में जस्टिस लोया की मौत पर सवाल उठने लगे. इस मामले में बॉम्बे लॉयर्स असोसिएशन ने बॉम्बे हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका डालकर जस्टिस लोया की मौत की निष्पक्ष जांच की मांग की थी.

हालांकि जस्टिस लोया की मौत को लेकर चल रहे विवाद के बीच उनके बेटे ने बॉम्बे हाई कोर्ट की मुख्य न्यायाधीश मंजुला चेल्लूर से मुलाकात की और कहा कि उनके पिता के मौत की परिस्थितियों को लेकर परिवार को कोई शिकायत या संदेह नहीं है.

गौरतलब है कि नवंबर 2005 में कथित मुठभेड़ में सोहराबुद्दीन मारा गया था. इस मामले में बीजेपी के मौजूदा अध्यक्ष अमित शाह भी आरोपी थे. इस केस की सुनवाई जस्टिस लोया कर रहे थे. तब जज लोया की मौत के बाद पीड़ित परिवार ने कई सवाल उठाए थे. हालांकि, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह अब इस मामले में बरी हो चुके हैं.

First published: 19 April 2018, 11:17 IST
 
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