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सुप्रीम कोर्ट ने 'आधार' को फिर बताया निराधार

कैच ब्यूरो | Updated on: 27 March 2017, 12:31 IST

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार की वेलफेयर स्कीमों के लिए आधार कार्ड अनिवार्य करने को गलत ठहराया है. सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सरकारी योजनाओं में आधार कार्ड को अनिवार्य करने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा, "सरकार अपनी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ देने के लिए आधार को अनिवार्य नहीं बना सकती." 

चीफ जस्टिस जेएस खेहर की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने फिलहाल इस मुद्दे पर आगे सुनवाई से इनकार किया है. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने आधार की अनिवार्यता को चुनौती देने वाली अलग-अलग याचकाओं की सुनवाई के लिए सात जजों की एक बेंच बनाने का निर्देश दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि बैंक अकाउंट खोलने जैसी दूसरी योजनाओं में आधार का इस्तेमाल करने से रोका नहीं जा सकता. 

 

कई योजनाओं के लिए आधार जरूरी

चीफ जस्टिस जेएस खेहर की बेंच ने कहा, "'वेलफेयर स्कीम्स के लिए आधार को जरूरी नहीं किया जा सकता. लेकिन, इसे गैर-लाभकारी योजनाओं के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है. हमारा पिछला आदेश बिल्कुल साफ था. इनकम टैक्स जैसी गैर-लाभकारी योजनाओं में आधार को अनिवार्य करने से सरकार को नहीं रोका जा सकता."

केंद्र सरकार ने करीब एक दर्जन कल्याणकारी योजनाओं में फायदा पाने के लिए 12 अंकों वाले आधार कार्ड को अनिवार्य करने का निर्णय लिया है. इसमें मिड-डे मील स्कीम भी शामिल थी. हालांकि बाद में इसके लिए अनिवार्यता हटा दी गई.

मोदी सरकार ने पिछड़े वर्ग और विकलांगों को मिलने वाली स्कॉलरशिप के लिए भी आधार को जरूरी करने का फैसला लिया है. केंद्र सरकार यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही है कि 30 जून तक सभी लोगों के पास आधार कार्ड रहना चाहिए. वहीं एलपीजी सब्सिडी और सरकारी राशन की दुकानों के लिए भी आधार जरूरी किया गया है.

First published: 27 March 2017, 12:31 IST
 
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