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मुंबई के डांस बार में नाच के साथ नहीं उड़ेंगे नोट

कैच ब्यूरो | Updated on: 30 August 2016, 15:08 IST

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि मुंबई के डांस बार में डांस के दौरान पैसे उड़ाने की इजाजत नहीं दी जा सकती. डांस बार मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने साफ किया है कि यह महिलाओं के गौरव, सभ्यता और शिष्टाचार के खिलाफ है.

सुप्रीम कोर्ट, इंडियन होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन की याचिका पर सुनवाई कर रहा है. अदालत ने कहा है कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि पैसे उड़ाने से महिलाओं को बुरा लगेगा या अच्छा.

पढ़ें: मुंबई: डांस बार में बालाओं को छूने पर हो सकती है 6 महीने की जेल

सुप्रीम कोर्ट ने डांस बार लाइसेंस के नए एक्ट को लेकर महाराष्ट्र सरकार को नोटिस जारी किया है. सर्वोच्च अदालत ने राज्य सरकार से छह हफ्ते में जवाब मांगा है.

नए डांस बार एक्ट पर सुनवाई

डांस बार में नोट उड़ाने को लेकर राज्य सरकार ने नए एक्ट में बैन लगाया है. इसका सुप्रीम कोर्ट ने भी समर्थन किया है.

सुनवाई के दौरान डांस बार वालों की तरफ से कहा गया कि राज्य सरकार ने जो नया एक्ट बनाया है, उसमें कई खामियां हैं. अश्लील डांस करने पर तीन साल की सजा की प्रावधान है, जबकि भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) में अश्लीलता के तहत तीन महीने की सजा का प्रावधान है.

इसके अलावा नए एक्ट में कहा गया है कि अगर डांस बार का लाइसेंस है, तो आर्केस्ट्रा का लाइसेंस नहीं मिलेगा. सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार की वह दलील भी ठुकराई, जिसमें कहा गया था कि मामले को बॉम्बे हाईकोर्ट भेजा जाना चाहिए.

इंडियन होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन की याचिका

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नया एक्ट सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर ही वैधानिक तरीके से तब लाया गया, जब कोर्ट ने कहा कि डांस बारों पर प्रतिबंध मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है. इसलिए इस नए एक्ट को चुनौती देने वाली याचिका को सुप्रीम कोर्ट ही सुनेगा.

इंडियन होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने बार लाइसेंस जारी करने वाले राज्य सरकार के नए एक्ट को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. महाराष्ट्र सरकार के नए एक्ट महाराष्ट्र प्रोहिबिशन ऑफ़ ऑब्सीन डांस इन होटल एंड बार रूम्स एंड प्रोटेक्शन ऑफ़ डिग्निटी ऑफ़ वीमेन एक्ट-2016 को चुनौती दी गई है.

याचिका में कहा गया है कि यह एक्ट असंवैधानिक है. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को फटकार लगाते हुए नियमों का पालन करने वाले डांस बारों को लाइसेंस देने के आदेश दिए थे.

एक्ट के मुताबिक, 11 बजे के बाद बार होटल एंड रेस्टोरेंट में शराब नहीं परोसी जाएगी. इसके अलावा पैसे भी नहीं लुटाए जाएंगे. साथ ही बार में सीसीटीवी भी लगाए जाएंगे.

First published: 30 August 2016, 15:08 IST
 
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