Home » इंडिया » Supreme Court lifts the stay of IIT-JEE counselling and gave permission to conducting counseling.
 

IIT-JEE 2017 की काउंसिलिंग को सुप्रीम कोर्ट ने दी हरी झंडी, जल्द होंगे एडमिशन

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 July 2017, 15:37 IST

सुप्रीम कोर्ट ने IIT-JEE 2017 की काउंसिलिंग पर रोक हटा दी है. इसके बाद IIT-JEE 2017 में छात्रों के एडमिशन का रास्ता साफ़ हो गया है. बोनस नंबर की वजह से आईआईटी में दाखिले पर लगी रोक को सुप्रीम कोर्ट ने हटा लिया है. 

इस बार IIT-JEE 2017 परीक्षा आईआईटी मद्रास ने आयोजित कराई थी. लेकिन इस परीक्षा में दो सवाल गलत थे, जिसके कारण सभी परीक्षार्थियों को कुल 18 बोनस मार्क्स दिए गए. 7 जुलाई को मामला सुप्रीम कोर्ट में जाने के बाद IITs और NITs की एडमिशन प्रक्रिया को रोक दिया गया था.

सभी पक्षों को सुनने, देखने और समझने के बाद सुप्रीम कोर्ट अर्जी खारिज करते हुए एडमिशन को हरी झंडी दे दी है. गौरतलब है कि JEE यानी ज्वाइंट इंटरेंस एग्जाम से आईआईटी में दाखिला मिलता है.

ग्रेस मार्क्स देने के पीछे आईआईटी-JEE की ओर से दलील दी गई थी कि परीक्षा में निगेटिव मार्किंग की व्यवस्था है. इसलिए मुमकिन है कि कई छात्रों ने जवाब गलत होने के डर से अस्पष्ट छोड़ दिया हो. किसने किस वजह से सवाल छोड़ा होगा, ये पता लगाना मुश्किल है. इसलिए सभी को बोनस अंक दिए गए हैं.

ये था मामला

आईआईटी में दाखिले की इच्छुक ऐश्वर्या अग्रवाल ने कोर्ट से इस पर निर्देश देने का अनुरोध करते हुए कहा था कि जेईई (एडवांस) 2017 में शामिल अभ्यर्थियों को बोनस अंक देने का फैसला उसके और अन्य अभ्यर्थियों के अधिकारों का उल्लंघन है.

सुप्रीम कोर्ट मामले की सुनवाई करते हुए  केंद्र सरकार और आईआईटी मद्रास से पूछा था कि IIT-JEE 2017 परीक्षा में उन छात्रों को बोनस अंक क्यों दिए गए, जिन्होंने ‘गलत प्रश्नों’ को हल करने का प्रयास ही नहीं किया.

First published: 10 July 2017, 15:37 IST
 
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