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सुप्रीम कोर्ट ने कॉल ड्रॉप के मामले में टेलिकॉम कंपनियों को दिया झटका

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:51 IST

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कॉल ड्रॉप मामले में ट्राई के नोटिफिकेशन पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया. ट्राई ने सभी दूरसंचार कंपनियों को प्रत्येक तीन कॉल ड्राप पर उपभोक्ता को एक रुपये का मुआवजा देना का निर्देश दिया था.

टेलिकॉम कंपनियों ने सुप्रीम कोर्ट में ट्राई के इस नोटिफिकेशन को चुनौती दी थी. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में ट्राई को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का आदेश दिया है. सुप्रीम कोर्ट में अब इस मामले में अब अगली सुनवाई 10 मार्च को होगी.

इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने 29 फरवरी को दिये अपने फैसले में कहा कि था कि कॉल ड्रॉप्स पर मोबाइल ऑपरेटरों को हर्जाना देना ही होगा.

हाई कोर्ट ने मोबाइल सेवा प्रदाताओं की ओर से दायर उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के उस आदेश पर रोक लगाने का अनुरोध किया गया था, जिसमें कंपनियों को कॉल ड्रॉप पर हर्जाना देने का आदेश दिया गया था.

दिल्ली हाई कोर्ट की मुख्य न्यायधीश न्यायमूर्ति जी. रोहिणी और न्यायमूर्ति जयंत नाथ की खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा कि दूरसंचार ऑपरेटरों को पहले तीन कॉल ड्रॉप्स पर उपभोक्ताओं को हर्जाना देना ही होगा.

ट्राई ने 16 अक्टूबर, 2015 को अपनी हर्जाना नीति की घोषणा की थी. जिसके तहत एक दिन में तीन कॉल ड्रॉप्स होने पर मोबाइल उपभोक्ताओं के बैलेंस में एक रुपये जुड़ जाएगा. यह नीति एक जनवरी, 2016 से लागू है.

First published: 4 March 2016, 5:02 IST
 
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