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रेप पर सख्त हुआ SC, राज्य सरकार पीड़िता को कम से कम 4 लाख का मुआवजा देने को बाध्य

कैच ब्यूरो | Updated on: 5 September 2018, 14:48 IST

देश में रेप की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को सख्त निर्देश दिए हैं. सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि रेप का शिकार हुई पीड़िता को राज्य सरकार कम से कम 4 लाख का मुआवजा देने को बाध्य है. देश की सर्वोच्च अदालत का ये फैसला पूरे भारत में 2 अक्टूबर से लागू कर दिया जाएगा.

मीडिया सूत्रों के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने रेप के मामले में बड़ा कदम उठाते हुए केंद्र सरकार को आदेश दिया है कि रेप पीड़िता को कम से कम 4 लाख का मुआवजा दिया जाए. इसी के साथ कोर्ट ने राज्यों को ये आदेश भी दिए हैं कि वो इस राशि को कम नहीं कर सकते हैं. मामले को देखते हुए इस राशि को बढ़ाया जा सकता है.

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गौरतलब है कि सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 2012 में 24,923 रेप के मामले दर्ज हुए. 2013 में ये संख्या बढ़कर 33,707 हो गयी. 2014 में यानी बीजेपी की सत्ता में रेप केस की संख्या और भी बढ़कर 36,735 हो गयी. 2015 में इसमें कुछ कमी आई फिर भी मामले 34,651 दर्ज हुए और 2016 में एक बार फिर रेप के मामले 38,947 दर्ज हुए जो कि 2012 से अब तक का सबसे ज्यादा आंकड़ा है.

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ये आंकड़े ही दिखाते हैं नारी सम्मान और नारी सुरक्षा चुनावी होर्डिंग्स के पीछे ही रह गयी. सिर्फ इतना ही नहीं सत्ता में आने के बाद भी सरकार की इस मुद्दे पर असंवेदनशीलता या यूं कहा जाये कि निष्क्रियता इस बात से देखी जा सकती है कि निर्भया बलात्कार कांड को चुनावी जुमलों के रूप में इस्तेमाल करने के बाद निर्भया फण्ड में ही कटौती की गयी.

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आंकड़ों के अनुसार 2013 में निर्भया फण्ड 1 हजार करोड़ था. 2014-2015 में भी ये फंड 1 हजार करोड़ रहा. जबकि यही फण्ड 2015-16 में निल था, यानी शून्य था.

First published: 5 September 2018, 14:48 IST
 
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