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AFSPA वाले इलाकों में FIR के खिलाफ 300 सैनिकों की याचिका पर SC सुनवाई के लिए तैयार

कैच ब्यूरो | Updated on: 14 August 2018, 14:07 IST

सेना के 300 से अधिक जवानों ने अपने खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने को शीर्ष अदालत में चुनौती दी है. उनके ऊपर अफ्सपा प्रभावित क्षेत्रों में अभियान चलाने के लिए एफआईआर दर्ज की गई है. सुप्रीम कोर्ट इन 300 सैनिकों की याचिका पर सुनवाई के लिए तैयार हो गया है. सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि वह सैनिकों की इस याचिका पर सुनवाई करेगा. 

प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा और न्यायाधीश एएम खनविलकर की पीठ ने सैनिकों की ओर से पेश वकील ऐश्वर्या भाटी की दलील पर सुनवाई के लिए हामी भर दी है. इस पर भाटी ने कहा कि अशांत क्षेत्रों में अपनी ड्यूटी निभाने के लिए सैनिकों पर अभियोग दर्ज कराया जा रहा है.

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बता दें कि पहले सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि नागरिकों के खिलाफ अत्यधिक बल का प्रयोग नहीं किया जा सकता. कोर्ट ने कहा था कि ऐसा करना हमारे लोकतंत्र के लिए एक चुनौती होगा. याचिका में कहा गया है कि सैन्य कर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी और अभियोग चलाना अफस्पा के प्रावधानों के खिलाफ है क्योंकि अफस्पा ड्यूटी के दौरान दुश्मन के खिलाफ अभियान चलाने पर सैन्य कर्मियों को अभियोजन से छूट प्रदान करता है.

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सैनिकों ने अपनी याचिका में कहा है कि मोर्चे पर अपने दुश्मनों से लड़ते समय बचाव के अधिकार की जरूरत होती है. यदि सुरक्षाबलों को यह अधिकार नहीं होगा और दुश्मनों पर अभियान चलाने के लिए उन पर मुकदमा चलाया जाएगा तो हमारी संप्रभुता एवं निष्ठा खतरे में पड़ेगी. याचिका में कहा गया है कि इस तरह के अभियोजन यदि चलेंगे तो इससे सेना और अर्धसैनिक बलों का हौसला कमजोर होगा

First published: 14 August 2018, 14:01 IST
 
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