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SC का आदेश: ताजमहल दुनिया का सातवां अजूबा, कहीं और जाकर पढ़ें नमाज

कैच ब्यूरो | Updated on: 9 July 2018, 13:03 IST

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ताजमहल सात अजूबों में शामिल है, यहां नमाज नहीं पढ़ सकते हैं. नमाज किसी और जगह भी पढ़ सकते हैं. सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला स्थानीय नमाजियों द्वारा डाली याचिका पर दी है. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने यह कहा है कि बाहरी नमाजी यहां नमाज नहीं पढ़ सकते लेकिन स्थानीय नमाजी नमाज पढ़ सकते हैं.

दरअसल, ताजमहल में मौजूद मस्जिद में हर शुक्रवार को जुमे की नमाज़ पढ़ी जाती है, जिसको लेकर कई बार कुछ तबकों ने विरोध किया था. इस पर स्थानीय नमाजियों ने एक याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने मांग की थी कि उनके साथ-साथ बाहरी लोगों को भी नमाज़ पढ़ने की इजाजत दी जाए.

ता दें कि स्थानीय प्रशासन को सूचना मिली थी कि कुछ बाहरी लोग भी यहां नमाज पढ़ते हैं. इसे प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर बड़ा खतरा माना और स्थानीय लोगों को ही पहचान पत्र के आधार पर अंदर जाने देनी की इजाजत देने का नियम बना दिया था.

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इसके खिलाफ कोर्ट में चुनौती दी गई और कहा गया है कि मस्जिद सभी मुस्लिमों को नमाज अदा करने का अधिकार है. इसी याचिका पर सुनवाई करते हुये सुप्रीम कोर्ट ने सभी को नमाज अदा करने की इजाजत देने से साफ इनकार कर दिया.  

इससे पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के इतिहास विंग अखिल भारतीय इतिहास संकलन समिति (ABISS) ने मांग की थी कि ताजमहल में शुक्रवार को होने वाली नमाज़ पर रोक लगा दी जाए.

First published: 9 July 2018, 13:00 IST
 
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