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केंद्र बनाम केजरीवाल: दिल्ली सरकार की अर्जी पर सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

कैच ब्यूरो | Updated on: 8 July 2016, 13:18 IST
(फाइल फोटो)

राज्य और केंद्र सरकार के अधिकारों के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार की याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया है. दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार के लिए इसे झटका माना जा रहा है.

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को निर्देश देते हुए कहा कि हाईकोर्ट एक संवैधानिक संस्था है. लिहाजा यह मामला हाईकोर्ट में ही सुना जाए. 

हाईकोर्ट के फैसले के बाद विचार

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार की याचिका पर सुनवाई के दौरान टिप्पणी करते हुए कहा कि हाईकोर्ट के अधिकारों को बरकरार रखा जाना चाहिए.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, "दिल्ली हाईकोर्ट ने पहले ही इस मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया है. पहले अदालत को फैसला सुनाने दीजिए, उसके बाद याचिकाकर्ता सुप्रीम कोर्ट का रुख कर सकता है."

जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता में सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार के वकील से पूछा, "आप योग्यता के बजाए केवल अधिकार क्षेत्र के आधार पर हाईकोर्ट पर क्यों सवाल उठा रहे हैं?"

क्या है पूरा विवाद?

इससे पहले दिल्ली के उप राज्यपाल नजीब जंग और दिल्ली सरकार के बीच शक्तियों के बंटवारे के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई के लिए तैयार हो गया था. दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करके दिल्ली हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई पर रोक लगाने की मांग की थी.

दिल्ली सरकार का कहना है कि राज्यों और केंद्र की शक्तियों से जुड़े मुद्दे को देखना संविधान के तहत केवल सुप्रीम कोर्ट के ही अधिकार क्षेत्र में है.

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दिल्ली सरकार की तरफ से वकील इंदिरा जय सिंह का कहना था कि दिल्ली सरकार और केंद्र के बीच विवाद संविधान के अनुच्छेद 239-ए के तहत राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली सरकार (जीएनसीटीडी) की शक्तियों के इर्द-गिर्द केंद्रित है.

केंद्र-राज्य अधिकारों की जंग

आम आदमी पार्टी सरकार ने यह आरोप लगाया है कि वह काम करने में असमर्थ है, क्योंकि इसके ज्यादातर फैसलों को उप राज्यपाल नजीब जंग के कहने पर रद्द कर दिया जाता है या बदल दिया जाता है. इसके लिए उप राज्यपाल की ओर से दलील दी जाती है कि दिल्ली पूर्ण राज्य नहीं है.

दिल्ली सरकार ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाने की मांग की थी. फरवरी, 2015 में दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद लगातार संवैधानिक शक्तियों के मसले पर दिल्ली सरकार का टकराव उप राज्यपाल और गृह मंत्रालय से होता रहा है.

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केजरीवाल सरकार और उप राज्यपाल नजीब जंग के बीच एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) और अधिकारियों की नियुक्ति के मसले पर हुई तकरार की मध्यस्थता दिल्ली हाईकोर्ट को करनी पड़ी थी.

उस समय दिल्ली हाईकोर्ट ने साफ कर दिया था कि अधिकारियों की नियुक्ति आदि के मामले में मुख्यमंत्री को पूरे अधिकार प्राप्त हैं, लेकिन केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अधिसूचना जारी कर कहा था कि उपराज्यपाल जो कर रहे हैं, वह उचित है. दिल्ली सरकार को उनके निर्देशों का पालन करना चाहिए.

First published: 8 July 2016, 13:18 IST
 
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