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एनईईटी के खिलाफ अध्यादेश पर रोक से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

कैच ब्यूरो | Updated on: 14 July 2016, 16:53 IST

सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को अपने मेडिकल प्रवेश परीक्षा कराने की इजाजत देने वाले अध्यादेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि आधे राज्य अपनी परीक्षायें करवा चुके हैं, इसलिए एनईईटी (नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेस टेस्ट) अब उन पर थोपा नहीं जा सकता.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एनईईटी निजी कॉलेजों पर लागू होगा. वे अपनी सीटें इसी के जरिए भरेंगे. 24 जुलाई को कॉमन मेडिकल प्रवेश परीक्षा का आयोजन होना है. हालांकि कोर्ट ने ये जरूर कहा कि केंद्र सरकार को आखिर ये करने की क्या जरूरत थी. इससे भला नहीं होगा.

केंद्र के अध्यादेश पर जताया दुख

पूरे देश में एक मेडिकल परीक्षा के जरिए से डॉक्टरी की पढ़ाई करने के लिए एनईईटी की बाध्यता वाले सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ केंद्र सरकार ने अध्यादेश जारी करते हुए राज्यों को एक साल की मोहलत दे दी थी.

अध्यादेश को चुनौती देते हुए एक याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने दुख भी जताया. कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा, "केंद्र सरकार को ऐसा करने की क्या जरूरत थी. ये ठीक नहीं हुआ. आपने जो भी किया वह भले के लिए नहीं किया."

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 28 मई को एनईईटी अध्यादेश पर रोक लगाने और इस पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया था. अध्यादेश से राज्यों को इस साल मेडिकल के विभिन्न पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए छूट दी गई है.

न्यायमूर्ति पीसी पंत और न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने एक याचिका पर कहा था कि मेडिकल के विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए राष्ट्रीय पात्रता प्रवेश परीक्षा (एनईईटी) पर भ्रम उत्पन्न नहीं होना चाहिए और इसकी तैयारी कर रहे छात्रों के लिए स्थिति स्पष्ट रहनी चाहिए.

First published: 14 July 2016, 16:53 IST
 
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