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सुप्रीम कोर्ट ने टू चाइल्ड पॉलिसी को अनिवार्य करने से किया इनकार

कैच ब्यूरो | Updated on: 9 March 2018, 15:44 IST

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को इच्छामृत्यु पर ऐतिहासिक फैसला सुनाया. इस फैसले के अलावा सुप्रीम कोर्ट ने इसी दिन एक और अहम फैसला सुनाया है. दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने 'हम दो हमारे दो' यानी दो बच्चे पैदा करने की नीति अनिवार्य करने की एक याचिका को खारिज कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता पृथ्वीराज चौहान द्वारा दायर की गई याचिका पर सुनवाई के दौरान यह फैसला लिया है.

इस बात को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह एक नीतिगत मामला है. कोर्ट इस मामले में हस्तक्षेप नहीं कर सकता. बता दें कि बीते 12 फरवरी को दो बच्चे की नीति को अनिवार्य करने की मांग को लेकर पृथ्वीराज चौहन ने एक याचिका दायर की थी. इस याचिका में चौहान ने कहा था कि केंद्र सरकार को परिवार नियोजन को भी बढ़ावा देना चाहिए.

 

जानकारी के मुताबित सुप्रीम कोर्ट में दायर इस याचिका में कहा गया, 'लगातार बढ़ती जनसंख्‍या को देखते हुए दो बच्चों की नीति को अनिवार्य करने का कदम उठाना अब समाज के हित के लिए जरूरी हो गया है. 'हम दो हमारे दो' की नीति के तहत केंद्र सरकार को हर जरूरी उपाय करने चाहिए.' लेकिन शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में हस्तक्षेप करने से साफ इनकार कर दिया है.

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बता दें कि दो बच्चों की नीति(हम दो हमारे दो) परिवार नियंत्रण (छोटा परिवार, खुशी परिवार) की पॉलिसी है. ये पॉलिसी माता-पिता को दो बच्चों तक सीमित करने के लिए प्रोत्साहित करती है. ऐसे में देश का विकास तो होगा ही साथ ही परिवार भी खुश रहेगा. बता दें कि भारत में राष्ट्रीय स्तर पर परिवार नियोजन को बढ़ावा देने के अलावा दो बच्चों की नीति आंध्र प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, ओडिशा और राजस्थान जैसे बड़े राज्यों में प्रभावी है.

गौरतलब है कि अपनी बढ़ती आबादी को ध्यान में रखते हुए पड़ोसी देश चीन ने साल 1979 में एक बच्चा पैदा करने की नीति को लागू किया था. यह नीति चीन के परिवार नियोजन नीति का ही हिस्सा थी. मीडिया रिपोर्टों की मानें तो साल 2017 में चीन में बच्चों के जन्म लेने की संख्या में लगभग 630,000 गिरावट दर्ज हुई थी. वही, संतुलन बनाए रखने के लिए चीन ने साल 2016 में अपनी एक बच्चे की नीति को निरस्त कर दिया था.

First published: 9 March 2018, 15:39 IST
 
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