Home » इंडिया » Supreme court review petition on evm vvpat paper trail
 

VVPAT पर आज सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई, 50 फीसदी पर्चियों को EVM से मिलान की मांग

कैच ब्यूरो | Updated on: 7 May 2019, 9:11 IST

EVM और VVPAT की पर्चियों की मिलान के लिए आज सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई होगी. कांग्रेस और टीडीपी समेत 21 विपक्षी पार्टियों ने इसके लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है. याचिका में दलों की मांग है कि चुनाव आयोग को वीवीपैट की 50 फीसदी पर्चियों को ईवीएम से मिलाने का आदेश दिया जाए.

सुप्रीम कोर्ट ने अपनी पिछली सुनवाई में हर एक विधानसभा क्षेत्र में कम से कम पांच बूथों के वीवीपैट पर्चियों के मिलान का फैसला लिया था, जिसे चुनाव आयोग द्वारा मान भी लिया गया है. इसके साथ ही कोर्ट ने लोकसभा चुनाव में वीवीपैट की पर्चियों के मिलान को पहले से पांच गुना बढ़ाने का फैसला लिया है. कोर्ट ने चुनाव आयोग को आदेश दिया है कि कम से कम 5 वीवीपैट का मिलान ईवीएम से किया जाए. बता दें कि अब तक सिर्फ एक वीवीपैट का मिलान किया जाता था.

ममता बनर्जी का पीएम मोदी पर हमला, बोलीं- मैं उन्हें पीएम नहीं मानती, लगाए कई गंभीर आरोप

5 ईवीएम की हर एक विधानसभा क्षेत्र में होगी जांच

बता दें कि अबतक चुनाव आयोग द्वारा 4125 EVM और VVPAT का मिलान किया जाता था, जिसे कोर्ट ने बढ़ाकर 20625 कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद चुनाव आयोग को 20625 ईवीएम की वीवीपैट पर्चियां गिननी हैं.

21 विपक्षी पार्टियों ने की याचिका

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में कुल 21 विपक्षी दलों द्वारा याचिका दी गई. इन दलों में चंद्रबाबू नायडू (टीडीपी), फारूक अब्दुल्ला (एनसी),आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. शरद पवार (एनसीपी), शरद यादव (एलजेडी), अखिलेश यादव (सपा), अरविंद केजरीवाल (आम आदमी पार्टी), एम. के. स्टालिन (डीएमके) और डेरेक ओ'ब्रायन (टीएमसी) शामिल है. इस याचिका में उन्होंने कोर्ट से याचिका की है कि ईवीएम के 50 फीसदी नतीजों का वीवीपैट के साथ मिलान किया जाना चाहिए या फिर दोबारा जांच होनी चाहिए.

पीएम मोदी को चुनाव आयोग ने फिर दी राहत, दो और मामलों में मिली क्लीन चिट

First published: 7 May 2019, 9:11 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी