Home » इंडिया » Supreme Court rules that cases pertaining to matrimonial disputes can be transferred outside J&K
 

सुप्रीम कोर्ट: जम्मू-कश्मीर के केस भी दूसरे राज्यों में ट्रांसफर हो सकते हैं

कैच ब्यूरो | Updated on: 20 July 2016, 9:45 IST

सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर के केस भी देश के दूसरे हिस्सों में ट्रांसफर हो सकते हैं. सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की संविधान पीठ ने यह अहम फैसला सुनाया है.

अभी तक जम्मू-कश्मीर राज्य के लिए यह प्रावधान नहीं था. देश के संविधान के मुताबिक सबको न्याय पाने का अधिकार है. अगर कोई किसी दूसरे राज्य में जाकर यात्रा करने में असमर्थ है, तो वो एक तरह से न्याय पाने से वंचित है.

संविधान के जानकारों के मुताबिक ऐसे में सुप्रीम कोर्ट को अनुच्छेद 136 के तहत अधिकार है कि वह सभी को न्याय दिलाए.

दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 25 के मुताबिक कि देश के किसी राज्य से कोई केस दूसरे राज्य में ट्रांसफर हो सकता है, लेकिन जम्मू-कश्मीर में रनबीर पैनल कोड में यह प्रावधान नहीं है, इसलिए मामले दूसरे राज्यों में ट्रांसफर नहीं हो सकते थे.

इस सिलसिले में कई याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के लिए आई थीं. जिन पर पांच जजों की संविधान पीठ ने यह फैसला सुनाया है. अब सुप्रीम कोर्ट जम्मू-कश्मीर के केस देश में कहीं भी ट्रांसफर कर सकता है.

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला

  • अब जम्मू-कश्मीर के केस भी देश के दूसरे हिस्सों में ट्रांसफर हो सकते हैं.
  • सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की संविधान पीठ का अहम फैसला.
  • जम्मू-कश्मीर राज्य में अभी तक ये प्रावधान नहीं था.
  • संविधान के अनुच्छेद 21 के मुताबिक सबको न्याय पाने का अधिकार.
  • अगर कोई दूसरे राज्य की यात्रा करने में असमर्थ है तो वो एक तरह न्याय पाने से वंचित है.
  • सुप्रीम कोर्ट को आर्टिकल 136 के तहत सभी को न्याय दिलाने का अधिकार.
  • सीआरपीसी 25 के मुताबिक किसी राज्य से कोई केस दूसरे राज्य में ट्रांसफर हो सकता है.
  • जम्मू-कश्मीर में रनबीर पैनल कोड (आरपीसी) में यह प्रावधान नहीं है.
  • इसी वजह से जम्मू-कश्मीर के केस ट्रांसफर नहीं हो सकते थे.
  • अब सुप्रीम कोर्ट जम्मू-कश्मीर के केस देश में कहीं भी ट्रांसफर कर सकता है.

First published: 20 July 2016, 9:45 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी