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DND Flyway: टोल फ्री पर हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने कहा सही

कैच ब्यूरो | Updated on: 28 October 2016, 16:38 IST

राजधानी दिल्ली और नोएडा को जोड़ने वाले डीएनडी फ्लाईवे के टोल टैक्स प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को सही ठहराया है. शुक्रवार को नोएडा टोल ब्रिज कंपनी द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई अर्जी पर सुनवाई की गई थी. टोल कंपनी द्वारा हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी.

वहीं, सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को रोक लगाने से किया फिलहाल इनकार कर दिया है.  प्राप्त जानकारी के मुताबिक दीपावली के अवकाश के बाद सुप्रीम कोर्ट इस संबंध में आदेश दे सकता है. लेकिन तब तक के लिए टोल फ्री ही रहेगा और वाहन चालक यहां से बेरोकटोक आ-जा सकेंगे.

गौरतलब है दिल्ली से नोएडा को जोड़ने वाले पुल डीएनडी को लेकर काफी वक्त से कई संगठन धरना-प्रदर्शन करते आ रहे थे. संगठनों का दावा था कि 9.2 किलोमीटर लंबे इस पुल के मालिक ने टोल टैक्स के रूप में काफी पहले ही इसपर लगाई गई रकम की भरपाई कर ली है. इसलिए डीएनडी पर लिए जाने वाले टोल को बंद किया जाए.

इस मामले की सुनवाई पहले भी कई बार इलाहाबाद हाईकोर्ट में हो चुकी थी. इस बुधवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में जस्टिस अरुण टंडन और जस्टिस सुनीता अग्रवाल की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए अपना आदेश सुना दिया. खंडपीठ ने अपने फैसले में कहा कि अब डीएनडी पर भविष्य में कभी भी टोल नहीं लिया जाएगा. 

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हाईकोर्ट द्वारा इस मामले की रोजाना सुनवाई की जा रही थी. उच्च न्यायालय ने पहले ही कह दिया था कि नोएडा प्राधिकरण और टोल ब्रिज कंपनी के बीच हुए मनमाने करार की मार आम जनता पर पड़े, यह बिल्कुल ठीक नहीं. कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं के उस तर्क पर भी ध्यान दिया जिसमें बताया गया था कि इस पुल की लागत से ज्यादा वसूली होने के बावजूद भी टोल टैक्स की वसूली गलत है.

बता दें कि 2001 में दिल्ली-नोएडा के बीच वाहनों की आवाजाही के लिए शुरू किए गए डीएनडी को टोल फ्री करने के संबंध में फेडरेशन ऑफ नोएडा रेजीडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (फोनरवाा) द्वारा 16 नवंबर 2012 को इलाहाबाद उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की गई थी. याचिकाकर्ताओं में फोनरवा के अलावा कई अन्य संगठन भी शामिल थे. 

अप्रैल 2016 में फोनरवा ने मामले की धीमी सुनवाई से आजिज आकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. जून 2016 में सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट को निर्देश दिए थे कि इस मामले में तीन माह में फैसला सुनाए. 

First published: 28 October 2016, 16:38 IST
 
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