Home » इंडिया » Supreme Court said that any assembly which is intended to scuttle a marriage of two consenting adults would be illegal
 

SC का खाप पंचायत और ऑनर किलिंग पर फैसला: दो वयस्कों की शादी को रोकना गैरकानूनी

कैच ब्यूरो | Updated on: 27 March 2018, 16:06 IST

मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट की तरफ से खाप पंचायतों को बड़ा झटका लगा है. सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला देते हुए कहा है कि शादी को लेकर खाप पंचायतों के फरमान गैरकानूनी हैं. सुप्रीम कोर्ट ने निरर्देश दिया कि अगर दो बालिग अपनी मर्जी से शादी कर रहे हैं तो कोई भी इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकता है.

मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक गाइड लाइन भी जारी किया. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह गाइडलाइन तब तक जारी रहेगी जब तक इस पर कोई कानून नहीं आ जाता. सुनवाई के दौरान कहा कि खाप या कोई भी समूह के लोगों द्वारा किसी शादी शुदा जोड़े की शादी में दखल देने की कोशिश करना, उस पर रोक लगाना पूरी तरह से गैरकानूनी है.

दरअसल, ऑनर किलिंग मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि ऑनर किलिंग को IPC में हत्या के अपराध के तहत कवर किया जाता है. केंद्र ने कहा था कि ऑनर किलिंग को लेकर लॉ कमिशन की सिफारिशों पर विचार हो रहा है. इस पर 23 राज्यों के विचार मिले हैं जबकि 6 राज्‍यों के शेष हैं.

केंद्र ने कहा था कि कोर्ट सभी राज्यों को हर जिले में ऑनर किलिंग को रोकने के लिए स्पेशल सेल बनाने के निर्देश जारी करे. अगर कोई युगल शादी करना चाहता है और उसे जान का खतरा है तो राज्य उनके बयान दर्ज कर कार्रवाई करें. हालांकि केंद्र ने कहा था कि वो खाप पंचायत शब्द का इस्तेमाल नहीं करेगा.

First published: 27 March 2018, 16:04 IST
 
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