Home » इंडिया » Supreme Court says Harish Rawat can take charge as the Chief Minister of Uttarakhand.
 

उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन हटा, 'रावत राज' की वापसी

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:49 IST

उत्तराखंड में करीब दो महीने से चल रहा सियासी संकट आज खत्म हो गया. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हरीश रावत आज से राज्य के मुख्यमंत्री का पदभार संभाल सकते हैं.

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में सीलबंद लिफाफे को खोला गया. प्रमुख सचिव विधायी और संसदीय कार्य ने बहुमत परीक्षण की रिपोर्ट और वीडियोग्राफी की सीडी अदालत को सौंपी.

supreme uttar 3

पढ़ें: उत्तराखंड शक्ति परीक्षण: कांग्रेस ने किया बहुमत हासिल करने का दावा

सुप्रीम कोर्ट में दो सीलबंद लिफाफे पेश किए गए. पहले लिफाफे में बहुमत परीक्षण की पूरी रिपोर्ट थी, जबकि दूसरे लिफाफे में स्पीकर का वोट था. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद उत्तराखंड में मंगलवार को बहुमत परीक्षण हुआ था. 

रावत ने हासिल किया बहुमत


अदालत को बहुमत परीक्षण के बारे में जानकारी देते हुए अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने बताया कि ये सिद्ध हो चुका है कि हरीश रावत ने सदन में बहुमत हासिल कर लिया है.  

केंद्र सरकार की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में अटॉर्नी जनरल ने कहा कि हम उत्तराखंड से राष्ट्रपति शासन हटाने जा रहे हैं. शक्ति परीक्षण में हरीश रावत को 33 विधायकों के वोट मिले, जबकि बीजेपी को 28 विधायकों का समर्थन मिला. 

all harish2

एएनआई

हरीश रावत के वकील केसी कौशिक ने सुनवाई के बाद बताया कि 33 वोट हरीश रावत के पक्ष में, जबकि 28 वोट उनके विरोध में पड़े.

पढ़ें: हरीश रावत: उत्तराखंड में अनिश्चितता के बादल छंटने की उम्मीद

शक्ति परीक्षण के दौरान कुल 61 विधायकों ने हिस्सा लिया, जबकि स्पीकर गोविंद सिंह कुंजवाल ने वोट नहीं डाला. टाई होने की सूरत में स्पीकर के वोट की जरूरत पड़ती.

राष्ट्रपति शासन हटा


इस बीच केंद्रीय कैबिनेट ने उत्तराखंड से राष्ट्रपति शासन हटाने की सिफारिश की. जिसे राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने मंजूर कर दिया. इसके साथ ही करीब डेढ़ महीने के बाद हरीश रावत के दोबारा सत्ता संभालने का रास्ता साफ हो गया. मुख्यमंत्री हरीश रावत ने गुरुवार को सुबह नौ बजे देहरादून में सचिवालय में कैबिनेट की बैठक बुलाई है.  

all harish

एएनआई

उत्तराखंड में 27 मार्च को राष्ट्रपति शासन लागू हुआ था. बहुमत परीक्षण के दौरान दो घंटे के लिए मंगलवार को राष्ट्रपति शासन हटा लिया गया था. 

18 मार्च को वित्त विधेयक के दौरान उत्तराखंड के सियासी संकट की शुरुआत हुई थी. स्पीकर ने वित्त विधेयक को ध्वनि मत से पारित बताया था, जबकि विपक्ष और कांग्रेस के नौ बागी विधायकों ने मत विभाजन की मांग की थी.

पढ़ें: उत्तराखंड शक्ति परीक्षण: मायावती ने किया कांग्रेस के समर्थन का एलान

विपक्ष ने हरीश रावत सरकार को बर्खास्त करने की मांग की थी, लेकिन राज्यपाल ने हरीश रावत को 28 मार्च तक बहुमत साबित करने का मौका दिया. इससे ठीक एक दिन पहले केंद्रीय कैबिनेट की सिफारिश पर राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया.

इस बीच सुप्रीम कोर्ट से हरीश रावत के पक्ष में खबर आने के बाद देहरादून में समर्थकों ने उनके आवास के बाहर जमकर जश्न मनाया. इस दौरान ढोल-नगाड़े बजाते हुए आतिशबाजी की गई. वहीं इलाहाबाद में भी कांग्रेस दफ्तर के बाहर कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाते हुए खुशी का इजहार किया.

JASHN

एएनआई

First published: 11 May 2016, 10:10 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी