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हदिया लव जिहाद मामला: सुप्रीम कोर्ट ने कहा, 'शादी पर सवाल नहीं उठाए जा सकते'

कैच ब्यूरो | Updated on: 23 January 2018, 14:42 IST

सुप्रीम कोर्ट ने लव जिहाद के एक चर्चित मामले में हाई कोर्ट का फैसला बदल दिया है. सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि सफीन जहां ने आपसी सहमति से शादी की थी और इसे रद्द करने का हाईकोर्ट का फैसला गलत था.

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में पेश हुईं हदिया ने अपने पति के साथ रहने की इच्छा जताई थी. जिसकी कोर्ट ने इजाजत दे दी. अदालत ने कहा कि हदिया को अपने पति के साथ रहने की  पूरी आज़ादी मिलनी चाहिए. 

हदिया के पिता के.एम. अशोकन ने आरोप लगाया था कि उनकी बेटी अखिला अशोकन का गलत तरीके से धर्म परिवर्तन कराया गया था. इस पर प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा ने कहा कि एक व्यस्क व्यक्ति अपना भला-बुरा खुद देख सकता है और हदिया को भी अपने फैसले लेने का अधिकार है.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) केरल के 'लव जिहाद' मामले में कानूनी पहलू की जांच नहीं कर सकती है. इस मामले में एनआईए की तरफ से पेश वकील ने हदिया के धर्मपरिवर्तन और शादी की परिस्थितियों को लेकर आपत्ति जताई.

इस पर प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि शादी और आतंकवाद का आरोप दो अलग-अलग मामले हैं. अगर आतंकवाद का कोई आरोप है तो एनआईए अपनी जांच जारी रख सकती है. इस मामले में अब 22 फरवरी को अगली सुनवाई होगी.

First published: 23 January 2018, 14:42 IST
 
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