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उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर में पूजा पर SC ने कहा- यह कैसे होगी, तय करना हमारा काम नहीं

कैच ब्यूरो | Updated on: 5 April 2018, 16:42 IST

मध्यप्रदेश के उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि पूजा अर्चना की विधि बताना कोर्ट का काम नहीं है. कोर्ट ने कहा कि हम केवल शिवलिंग को सुरक्षित रखने को लेकर चिंतित है.

कोर्ट का कहना है कि मंदिर की भस्म आरती या अन्य विधियों को हम तय नहीं करेंगे. मंदिर की जो भी पूजा की विधि है उसमे सुप्रीम कोर्ट का कोई दखल नहीं होगा. सुप्रीम कोर्ट शिवलिंग को सुरक्षित और संरक्षित रखने को लेकर दिशा निर्देश दे सकता है.

गौरतलब है कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने मंदिर प्रबंधन समिति को तुरंत वो नोटिस बोर्ड हटाने को कहा था, जिसमें लिखा गया था कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर पूजा के नियम बनाए गए हैं. कोर्ट ने कहा कि ये आदेश कभी नहीं दिया कि धार्मिक अनुष्ठान कैसे किए जाएं और ना ही ये कहा कि भस्म आरती कैसे हो. सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि कोर्ट को मंदिर और पूजा के रीति रिवाजों से कोई लेना देना नहीं है.

गलत रिपोर्टिंग पर मीडिया को दी चेतावनी

कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई शिवलिंग की सुरक्षा के लिए कि और एक्सपर्ट कमेटी बनाई. कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर मंदिर प्रबंधन समिति ने ये प्रस्ताव पेश किए थे. सुप्रीम कोर्ट ने चेतावनी दी कि अगर इस मामले में मीडिया गलत रिपोर्टिंग करता है या पक्षकार मीडिया में गलत बयानी करता है तो उसके खिलाफ कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई की जाएगी.

इस मामले में सुनवाई के साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने ये साफ़ कर दिया कि पूजा पाठ की विधियों पर सुप्रीम कोर्ट कोई दखल नहीं देगा, कोर्ट ने सिर्फ शिवलिंग की सुरक्षा पर चिंता जताई.

First published: 5 April 2018, 16:41 IST
 
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