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SC ने खारिज की रोहिंग्याओं को वापस भेजने से रोकने वाली याचिका, कहा - हमें जिम्मेदारी मत बताओ

कैच ब्यूरो | Updated on: 4 October 2018, 12:38 IST
(file photo )

भारत में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्याओं को वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. गुरुवार को रोहिंग्या नागरिकों को वापस उनके देश म्यांमार भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई. रोहिंग्या नागरिकों को वापस भेजने से रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई. जिसको सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है. याचिका खारिज होने के बाद सात रोहिंग्या नागरिकों के वापस जाने का रास्ता साफ हो गया है. उनको आज ही उनके देश म्यांमार भेज दिया जाएगा.

मीडिया खबरों के मुताबिक, सात रोहिंग्या नागरिकों को वापस भेजने से रोकने के लिए वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की. जिस पर चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अगुवाई वाली बेंच ने सुनवाई की. केंद्र सरकार की तरफ से अडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) तुषार मेहता ने कहा कि म्यांमार ने इन सभी को अपना नागरिक मान लिया है. म्यांमार ने उनको वापस लेने के लिए हामी भर दी है. अब इनको रोके जाने का कोई आधार नहीं है.


वहीं, प्रशांत भूषण ने दलील देते हुए कहा कि म्यांमार ने अभी इन सभी के उनका नागरिक होने की पुष्टि नहीं की है. सरकार इन नागरिकों को जबरन वापस भेज रही है. सुप्रीम कोर्ट को रोहिंग्याओं के जीवन के अधिकार की रक्षा करने की अपनी जिम्मेदारी का अहसास होना चाहिए. इस पर चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि हमको अपनी जिम्मेदारी पता है. किसी को इसे याद दिलाने की जरूरत नहीं. वह

आपको बता दें कि अवैध रूप से भारत में रह रहे रोहिंग्याओं का मुद्दा काफी दिनों से राजनीति के केंद्र में रहा है. राजनीति के बीच भारत सरकार देश में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्याओं की पहली किस्त के रूप में 7 लोगों को वापस भेज रही है. गुरुवार को सातों रोहिंग्या नागरिकों को म्यांमार वापस भेजने के लिए मणिपुर की मोरेह सीमा पर ले जाया गया. म्यांमार बॉर्डर पर उनके कागजातों की जांच होगी. ये पहली बार है जब भारत सरकार रोहिंग्याओं को वापस भेज रही है.

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First published: 4 October 2018, 12:38 IST
 
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