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देश में चांद सितारे वाले हरे झंडे पर बैन की मांग, SC ने केंद्र सरकार से मांगा जवाब

कैच ब्यूरो | Updated on: 16 July 2018, 16:45 IST
(file photo)

सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को चांद और सितारे वाले हरे झंडे पर बैन लगाने वाली याचिका पर सुनवाई की गई. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार से अपना पक्ष रखने के लिए कहा है. बता दें कि यूपी शिया वक़्फ़ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिज़वी याचिका दायर कर हरे झंडे पर बैन लगाने की मांग की गई है. याचिका में कहा गया है कि इस तरह के झंडा गलतफहमी और सम्प्रदायिक तनाव कारण बनता है. इस मामले पर अगली सुनवाई दो हफ्ते बाद होगी.

मीडिया खबरों के अनुसार, जस्टिस ए के सीकरी की अध्यक्षता वाली बेंच ने रिजवी की याचिका पर सुनवाई की. इस दौरान रिजवी की तरफ से पेश वकील एस पी सिंह ने कहा कि इस झंडे के चलते देश भर में सांप्रदायिक तनाव की स्थिति पैदा होती रहती है. जस्टिस सीकरी ने सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में मौजूद एडिशनल सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से केंद्र सरकार का पक्ष जानने के लिए कहा है.

जस्टिस सीकरी ने टिप्पणी करते हुए कहा कि कई बार सरकार के लिए किसी मसले पर कदम उठाना मुश्किल होता है. इस बात का डर होता है कि लोग उसके कदम को दुर्भावनावश उठाया हुआ मान लेंगे. अब ये मामला कोर्ट में है. अगर आपको इस मसले पर कुछ कहना है तो कह सकते हैं. कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई दो हफ्ते बाद तय की है.

क्या कहा गया है याचिका?

वसीम रिज़वी ने अपनी याचिका में कहा है कि इस चांद और सितारे वाले हरे झंडे का इस्लाम से कोई वास्ता नहीं है. पैगंबर मोहम्मद के मक्का जाने के दौरान उनके हाथ में सफेद झंडा था. इस झंडे का 1906 से पहले कोई वजूद नहीं था. मध्य युग में भी इस्लामिक फौजों के पास अलग अलग झंडे होते थे. ये झंडा सबसे पहले साल 1906 में ढाका में मुस्लिम लीग के झंडे के तौर पर डिजाइन किया गया था. बंटवारे के बाद पाकिस्तान ने इसको राष्ट्रीय ध्वज बनाया. पाकिस्तानी की मुस्लिम लीग कायदे-आज़म नाम की आज भी इस झंडे का इस्तेमाल करती है.

याचिका में कहा गया है कि इस झंडे से लोगों के बीच में भ्रम फैलाया जा रहा है. इसके पीछे कुछ कट्टर और पाकिस्तान परस्त लोगों हैं. उनके मुताबिक ये इस्लामिक झंडा है. अधिकतर लोग इसकी सच्चाई से वाकिफ नहीं है. कुछ स्वार्थी लोग इस झंडे को मुस्लिम बस्तियों में लगा जाते हैं. लोगों को पता नहीं होता, वो इसे धार्मिक झंडा समझ कर लगा रहने देते हैं. इस झंडे को पाकिस्तान का झंडा समझ लिया जाता है. जिससे सांप्रदायिक तनाव पैदा हो जाता है.

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First published: 16 July 2018, 16:23 IST
 
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