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सुप्रीम कोर्ट: सहारा समूह की संपत्ति बेचकर निवेशकों की रकम लौटाए सेबी

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:51 IST

सुप्रीम कोर्ट ने सेबी से कहा है कि वो सहारा की कुछ अचल संपत्तियों को बेचकर लाखों निवेशकों की रकम लौटाने की प्रक्रिया शुरू करे. मंगलवार को एक वकील ने यह जानकारी दी. मामले की अगली सुनवाई 27 अप्रैल को होगी. 

कोर्ट द्वारा यह फैसला तब सुनाया गया है जब सहारा समूह की ओर से कई बार संपत्ति बेचकर निवेशकों की रकम चुकाने की समय सीमा खत्म हो रही है. कोर्ट ने सेबी से उन संपत्तियों को बेचने को कहा है जिनका टाइटल डीड सेबी के पास जमा है.

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व प्रायोजक और हर घर में पहचाने जाने वाले सहारा की भारत में तमाम अचल संपत्तियों के अलावा विदेशों में भी कई होटल हैं. इनमें न्यूयॉर्क का प्लाजा और लंदन का ग्रॉसवेनर हाउस भी शामिल है.

मार्च 2014 को लाखों छोटे निवेशकों को रकम वापस करने के आदेश को पूरा करने में असफल रहने पर सहारा के संस्थापक सुब्रत राय सहारा को गिरफ्तार कर लिया गया था. 

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इसके बाद जून 2015 में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि सहारा समूह को पूरे 36 हजार करोड़ रुपये चुकाने होंगे. 

इसके बाद सहारा ने अधिकारियों को 86 संपत्तियों की सूची सौंपी थी जिनकी कीमत 40 हजार करोड़ रुपये होने का दावा किया गया था. हालांकि सहारा ने दावा किया था कि वो इन संपत्तियों के खरीदार ढूंढ़ने में असमर्थ रही है.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि सेबी इन संपत्तियों को इनके सर्किल रेट के 90 फीसदी से कम कीमत पर नहीं बेच सकती. अगर कोई इन संपत्तियों की कीमत सर्किल रेट के 90 फीसदी से कम रखकर खरीदना चाहता है तो सेबी को इसके लिए अदालत की अनुमित लेनी होगी.

पूरी दुनिया में कहीं भी ऐसा नहीं है कि किसी व्यक्ति को बिना किसी आरोप के दो साल के लिए जेल के अंदर रखा जाए

कोर्ट ने कहा था कि इन संपत्तियों की बिक्री से मिलने वाली रकम को सहारा प्रमुख सुब्रत राय की जमानत के लिए रखा जाएगा. अदालत के आदेश के बाद बतौर जमानत के 10 हजार करोड़ रुपये जमा करने में असफल रहने के चलते सुब्रत राय दो साल से भी ज्यादा वक्त से तिहाड़ जेल में हैं.

सहारा के वकील कपिल सिब्बल ने कहा, "पूरी दुनिया में ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है. पूरी दुनिया के न्यायक्षेत्र में कहीं भी ऐसा नहीं है कि किसी व्यक्ति को बिना किसी आरोप के दो साल के लिए जेल के अंदर रखा जाए."

इस पर न्यायाधीशों ने जवाब दिया, "हमें भाषण मत सुनाएं. पूरी दुनिया में कोई व्यक्ति ऐसा भी नहीं कहता है कि उसके पास 1.87 लाख करोड़ रुपये की अचल संपत्ति है और वो फिर भी चुका नहीं रहा है."

First published: 29 March 2016, 8:48 IST
 
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