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अब सुप्रीम कोर्ट के जज ने भी उठाया कोलेजियम व्यवस्था पर सवाल

कैच ब्यूरो | Updated on: 5 September 2016, 9:43 IST
(यू-ट्यूब)

सुप्रीम कोर्ट में सीनियर जज जे चेल्मेशवर ने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में जजों की नियुक्ति के लिए तयशुदा कोलेजियम सिस्टम पर सवाल खड़े करते हुए इसे अपारदर्शी करार दिया है.

इस मामले में जे चेल्मेशवर ने कहा, "चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया की अध्यक्षता वाले कोलेजियम की मीटिंग में उन्होंने शामिल होना बंद कर दिया है, क्योंकि इसकी कार्यप्रणाली और प्रक्रिया 'सबसे अपारदर्शी' है."

जस्टिस जे चेल्मेशवर ने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में जजों की चयन प्रक्रिया पर नाखुशी जताते हुए कहा, "मैंने पत्र लिखकर बता दिया है कि मैं अब कोलेजियम की मीटिंग में शामिल नहीं हो पाऊंगा. जजों के चयन करने का सिस्टम पारदर्शी नहीं है. कोई तर्क, कोई राय रिकॉर्ड नहीं की जाती. दो लोग नाम तय करते हैं और मीटिंग से आकर 'हां' या 'ना' के लिए पूछते हैं. क्या सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के जज का चयन इस तरीके से होना चाहिए?"

जस्टिस जे चेल्मेशवर ने भ्रष्ट व्यक्ति की नियुक्ति पर विचार करने पर भी सवाल उठाए हैं. इसके साथ ही उन्होंने विचार और राय की रिकॉर्डिंग किए जाने पर जोर दिया है.

चेल्मेशवर ने कहा, "मुझे अनुभव के आधार पर लगता है कि कोलेजियम में लोग गुट बना लेते हैं. राय और तर्क रिकॉर्ड किए बिना ही 'चयन' हो जाता है. बाहर के लोगों को पता ही नहीं चलता कि कोलेजियम में अंदर क्या चल रहा है. वैसे अंदर के लोगों को भी कुछ खास पता नहीं रहता. दो लोग बैठकर नाम तय कर लेते हैं और बाकी से 'हां' या 'ना' के लिए पूछा जाता है."

जस्टिस जे चेल्मेशवर ने कोलेजियम व्यवस्था को लेकर सवालिया लहजे में कहा, "इस तरह की चयन प्रक्रिया के जरिए क्या हम देश के लिए अच्छा कर रहे हैं? क्या चयन मेरिट के आधार पर नहीं होना चाहिए? क्या हो, अगर किसी व्यक्ति के पास किसी के चयन का विरोध करने का सबसे मान्य आधार है? क्या मान्य आधार को बहुमत से या सिर्फ 'हां और ना पूछकर अस्वीकार किया जा सकता है?"

गौरतलब है कि पिछले साल बेहतर विकल्प के लिए जब पांच सदस्यीय संविधान पीठ कोलेजियम और नेशनल जूडिशियल अपॉइन्टमेन्ट कमीशन (एनजेएसी) पर सुनवाई कर रही थी, तब भी जे चेल्मेशवर ही एकमात्र ऐसे जज थे, जिन्होंने कोलेजियम सिस्टम का विरोध किया और एनजेएसी का समर्थन किया था.

First published: 5 September 2016, 9:43 IST
 
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