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जनरल डीएस हुड्डा का बड़ा बयान- हमेशा से आजाद है सेना, जवाबी कार्रवाई के लिए कभी नहीं बंधे हाथ

कैच ब्यूरो | Updated on: 13 April 2019, 10:11 IST

पीओके में साल 2016 में सर्जिकल स्ट्राइक का नेत्रत्व कर चुके लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) डी एस हुड्डा ने कहा कि जवाबी कार्रवाई के लिए सेना के हाथ कभी नहीं बांधे गए. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने सेना को सीमा पार हमले करने की अनुमति देने में बहुत बड़ा संकल्प दिखाया है, लेकिन सेना के हाथ उससे पहले भी कभी नहीं बंधे रहे.

दरअसल, शुक्रवार को वह विज्ञापन संगठनों द्वारा आयोजित एक वार्षिक कार्यक्रम 'गोवा फेस्ट' में अपनी बात रख रहे थे. हुड्डा ने कहा, "मौजूदा सरकार ने सीमा पार जाकर सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट में हवाई हमले की अनुमति देने में निश्चित रूप से महान राजनीतिक संकल्प दिखाया है. लेकिन इससे पहले भी आपकी सेना के हाथ नहीं बंधे थे.”

सेवानिवृत लेफ्टिनेंट जनरल डी एस हुड्डा कहा कि, "सेना को खुली छूट देने के बारे में बहुत ज्यादा बातें हुईं हैं, लेकिन 1947 से सेना सीमा पर स्वतंत्र है. इसने तीन-चार युद्ध लड़े हैं.” सितंबर 2016 में उरी आतंकी हमले के बाद सीमा-पार सर्जिकल स्ट्राइक के समय जनरल डीएस हुड्डा ने सेना की उत्तरी कमान की अगुवाई की थी.

हुडा ने नियंत्रण रेखा को खतरनाक जगह बताते हुए कहा कि, "जब आपके ऊपर गोलीबारी की जा रही है और जमीन पर सैनिक इसका तुरंत जवाब देंगे. वे मुझसे भी नहीं पूछेंगे. कोई अनुमति लेने का कोई सवाल ही नहीं है. सेना को खुली छूट दी गई है और यह सब साथ में हुआ है, कोई विकल्प नहीं है.”

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First published: 13 April 2019, 10:19 IST
 
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