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ना ना करते हुए भी सभी दल सर्जिकल स्ट्राइक पर सिर्फ राजनीति ही कर रहे हैं

शाहनवाज़ मलिक | Updated on: 8 October 2016, 7:42 IST
(आर्या शर्मा/कैच न्यूज़)
QUICK PILL
  • 28-29 सितंबर की दरमियानी रात नियंत्रण रेखा पर हुई सर्जिकल स्ट्राइक के बाद सभी दलों के नेता इस मुद्दे पर राजनीति नहीं करने की सलाह दे रहे हैं.
  • मगर दिलचस्प यह है कि उन सभी नेताओं के बयानों में राजनीति साफ-साफ झलक रही है. एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप की झड़ी लगी हुई. 

पिछले महीने 18 सितंबर की सुबह उरी सेक्टर के एक सैन्य ठिकाने पर सुबह तकरीबन साढ़े पांच बजे हुए आतंकी हमले में 18 जवानों की मौत हो गई थी. इस कार्रवाई के बाद डेढ़ बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर हमले पर तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने लिखा था, 'हम उरी में हुए कायराना हमले की कड़ी आलोचना करते हैं. मैं राष्ट्र को भरोसा देता हूं कि इस कायरतापूर्ण हमले के पीछे जो लोग हैं उन्हें सज़ा ज़रूर मिलेगी.'

प्रधानमंत्री की तरफ़ से आश्वासन मिलने के ठीक 10 दिन बाद 29 सितंबर यानी गुरुवार को भारतीय सेना ने उरी हमलावरों को दी गई 'सज़ा' पर प्रेस कांफ्रेंस की. डीजीएमओ लेफ्टीनेंट जनरल रणबीर सिंह ने दोपहर में प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि भारतीय सेना ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में सर्जिकल स्ट्राइक कर आतंकियों के लांच पैड को ध्वस्त किया है. यह कार्रवाई 28-29 की दरमियानी रात हुई.

मगर डीजीएमओ लेफ्टीनेंट जनरल रणबीर सिंह की प्रेस कांफ्रेंस में कुछ सवालों के जवाब साफ़ नहीं होने से यह 'सर्जिकल स्ट्राइक' विवादों में घिर गई है. मसलन कि कितने आतंकी कैंपों को तबाह किया गया. किन-किन इलाक़ों में स्ट्राइक की गई और मरने वाले और घायल आतंकियों की संख्या क्या थी?

सबसे पहले इस मसले पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सरकार से कुछ सबूत जारी करने की मांग की. सरकार से केजरीवाल की इस मांग के बाद वो पाकिस्तान में सुर्खियों में आ गए. यह विवाद जारी था, इसी बीच कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने इस कार्रवाई के बहाने भाजपा पर राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश का आरोप मढ़ दिया है. राहुल के अलावा भी कई नेता बयान देकर बीजेेपी को घेर चुके हैं. राहुल का आरोप है कि पूरे उत्तर प्रदेश में भाजपा शहीदोंं के पोस्टर लगा कर राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रही है.

राहुल गांधी, कांग्रेस

25 दिन पहले पूर्वी उत्तर प्रदेश के देवरिया ज़िले से शुरू होकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर ख़त्म हुई राहुल गांधी की किसान रैली में उन्होंने निहायत कड़वे शब्दों का इस्तेमाल किया. उन्होंने कहा, 'हमारे जवानों ने जम्मू कश्मीर में अपना खून दिया, जिन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक किया, आप उनके खून के पीछे छिपे हो. आप उनकी दलाली कर रहे हो, जवानों ने अपना काम किया है, आप अपना काम कीजिए.'

जब से इस 'सर्जिकल स्ट्राइक' का खुलासा हुआ है, तभी से सभी दलों के नेता इसका राजनीतिकरण किए जाने के विरुद्ध बयान दे रहे हैं. मगर मज़े की बात तो यह है कि इसपर राजनीति अपने चरम पर पहुंच गई है. 'सर्जिकल स्ट्राइक' पर शुरू हुई राजनीति में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के अलावा दोनों दलों के दिग्गज नेता एक-दूसरे पर हमलावर हो गए हैं.

अमित शाह, बीजेपी

खून की दलाली वाले बयान पर पलटवार करते हुए अमित शाह ने कहा है, 'हो सकता है कि राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी को नरेंद्र मोदी पर एतराज़ हो लेकिन ये बयान सभी सीमाओं का लांघ गया है. लगता है कि उनके मूल में ही खोट है.'

अमित शाह ने राहुल गांधी पर तंज़ कसते हुए यह भी कहा, 'उन्हें सर्जिकल स्ट्राइक नहीं बल्कि आलू की खेती जैसे मामलों पर ही बयान देना चाहिए.'

कपिल सिब्बल, कांग्रेस

मगर इसके फ़ौरन बाद कांग्रेस के दिग्गज नेता कपिल सिब्‍बल ने अमित शाह पर बड़ा हमला किया. उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि जिन्होंने जेल की हवा खाई हो, जो तड़ीपार हुए हों, जिनके खिलाफ मर्डर के केस हो वो आज हमें बताएगें कि किसके मूल में खोट है?

अरविंद केजरीवाल, आम आदमी पार्टी

एक अक्टूबर यानी सोमवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक वीडियो संदेश जारी करते हुए कहा, 'प्रधानमंत्री से हमारे 100 मुद्दों पर मतभेद हो सकते हैं, लेकिन पीएम ने जो इच्छाशक्ति दिखाई इसके लिए मैं उनको सैल्यूट करता हूं.'

लगे हाथ इस बधाई संदेश में केजरीवाल ने पीएम मोदी को कुछ सुझाव देकर आफ़त मोल ले ली. उन्होंने आगे कहा, 'पाकिस्तान इंटरनेशनल मीडिया में झूठ फैला रहा है और बॉर्डर पर पत्रकारों को ले जाकर गुमराह कर रहा है और यह दिखाने की कोशिश कर रहा कि कोई सर्जिकल स्ट्राइक नहीं हुई है. मेरी प्रधानमंत्री से अपील है जैसे ज़मीन के ऊपर पाकिस्तान को जवाब दिया ऐसे ही पाकिस्तान के झूठे प्रोपोगैंडा को बेनकाब करें. हम सब आपके साथ हैं.'

इस बयान के बाद अरविंद केजरीवाल पाकिस्तानी अख़बारों और टीवी चैनलों की सुर्ख़ी बन गए. वह पाकिस्तान में ट्वीटर पर टॉप ट्रेंड करने लगे कि उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक पर सुबूत मांगा लिया है.

इस पर केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने अगले दिन प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि अरविंद केजरीवाल को राजनीतिक लड़ाई में कोई ऐसा काम नहीं करना चाहिए जिससे कि सेना के मनोबल गिरे और वह अपमानित महसूस करे.

अमित शाह ने भी अपनी प्रेस कांफ्रेंस में केजरीवाल को घेरा. उन्होंने कहा, 'सर्जिकल स्ट्राइक पर हंगामे की शुरुआत सबसे पहले आप पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने की कि सरकार को इसका सबूत देना चाहिए.'

मनोहर पर्रिकर, बीजेपी

मनोहर पर्रिकर ने सर्जिकल स्ट्राइक के अगले दिन कहा कि पाकिस्तान की हालत सर्जरी के बाद बेहोश मरीज़ के जैसी है और उसे पता भी नहीं है कि क्या हुआ है. पर्रिकर ने भारतीय सेना की तुलना हनुमान से करते हुए कहा, 'सर्जिकल स्ट्राइक से पहले भारतीय सेना को अपनी शक्ति का एहसास नहीं था.'

इसके बाद से रक्षा मंत्री लगातार हल्के बयान दे रहे हैं. 6 अक्टूबर को सबूत के सवाल पर उन्होंने कहा कि लोगों को 'कुछ तत्वों' के प्रति सतर्क रहना होगा जो देश के प्रति पूरी तरह से वफादार नहीं हैं. उन्होंने यह भी कहा कि 'हमारी सेनाओं की बहादुरी पर कभी किसी ने शक जाहिर नहीं किया लेकिन हाल में पहली बार कुछ लोग संदेह जाहिर कर रहे हैं.' उन्होंने यह भी कहा कि ऑपरेशन का वीडियो जारी करने और किसी तरह का सबूत देने की कोई वजह नहीं है.

संजय निरुपम, कांग्रेस

केजरीवाल के वीडियो संदेश के अगले दिन कांग्रेस के वरिष्ठ नेता संजय निरुपम ने ट्वीट किया, 'प्रत्‍येक भारतीय पाकिस्‍तान के खिलाफ़ सर्जिकल स्‍ट्राइक्‍स चाहता है, लेकिन भाजपा की तरह राजनीतिक फ़ायदे के लिए नहीं फर्ज़ी स्ट्राइक्स नहीं चाहिए. अपने ट्वीट में निरुपम ने दो होर्डिंग्स भी दिखाईं जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर की गुणगान करती हुए तस्वीरें लगी हैं.

इसी दिन कांग्रेस के रणदीप सुरजेवाला ने भी कहा 'कांग्रेस पार्टी का आधिकारिक रूख यही है कि हम भारतीय सेना के साथ हैं और सर्जिकल स्ट्राइक्स का समर्थन करते हैं लेकिन पाकिस्तान इसे लेकर जिस तरह का दुष्प्रचार कर रहा है उसका जवाब देने की ज़िम्मेदारी भी केंद्र सरकार की है.''

मायावती, बसपा

7 अक्टूबर को बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने कहा है कि सर्जिकल स्ट्राइक के लिए सिर्फ़ सेना की पीठ ठोंकी जानी चाहिए, नेताओं की नहीं. मगर भारतीय जनता पार्टी जगह-जगह पोस्टर लगवाकर इसका राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है.

उन्होंने बीजेपी पर सीधे हमला बोलते हुए कहा, 'सर्जिकल स्ट्राइक पर बीजेपी राजनीति कर रही है और जान-बूझकर जगह-जगह पोस्टर लगवा रही है ताकि उसे आगामी विधान सभा चुनाव में राजनीतिक लाभ मिल सके. उन्होंने यह भी कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक सेना की बहादुरी का नतीजा है, नेताओं या किसी राजनीतिक दल की उपलब्धि नहीं.

First published: 8 October 2016, 7:42 IST
 
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