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सर्जिकल स्ट्राइक पर बड़ा खुलासा: एलओसी पार चश्मदीदों का दावा, ट्रक में भरकर ले गए शव

कैच ब्यूरो | Updated on: 5 October 2016, 9:16 IST
(फाइल फोटो)
QUICK PILL
  • 29 सितंबर को भारतीय सेना के सर्जिकल स्ट्राइक के दावों पर पाकिस्तान ने सवाल उठाए हैं. विदेशी मीडिया को नियंत्रण रेखा के पास के इलाके में ले जाकर दुष्प्रचार हो रहा है.
  • अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस ने एलओसी के पार रहने वाले पांच लोगों से सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में कई अहम जानकारी हासिल की है.
  • चश्मदीदों का कहना है कि 29 सितंबर की सुबह उन्होंने ट्रक में कई शव ले जाते हुए देखे. इसके अलावा उनका कहना है कि भारी गोलीबारी की आवाज भी सुनाई दी थी.

भारत में जहां एक ओर सेना के सर्जिकल स्ट्राइक पर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है, वहीं पाकिस्तान विदेशी मीडिया को एलओसी (नियंत्रण रेखा) के इलाके का दौरा कराकर बता रहा है कि भारत का दावा झूठा है. इस बीच अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस ने कुछ चौंकाने वाले खुलासे किए हैं.

अंग्रेजी अखबार ने नियंत्रण रेखा के पार रहने वाले कुछ चश्मदीदों के हवाले से भारतीय सेना के सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर कई अहम जानकारियां दी हैं. एलओसी के पार रहने वाले इन लोगों का दावा है कि उन्होंने 29 सितंबर की सुबह कुछ ऐसा देखा जो सामान्य नहीं था. एक नजर अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की इस रिपोर्ट पर:

भारी गोलीबारी की आवाज सुनी

अंग्रेजी अखबार की पड़ताल में सामने आया है कि लाइन ऑफ कंट्रोल के पार रहने वाले कुछ लोगों का दावा है कि उन्होंने 28-29 सितंबर को भारतीय सेना द्वारा की गई सर्जिकल स्ट्राइक की गतिविधियों और उसके नतीजों को अपनी आंखों से देखा है.

अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक लोगों ने बताया कि कैसे 29 सितंबर को तड़के ही कार्रवाई के दौरान मारे गए लोगों को ट्रकों में भरकर अज्ञात जगह दफनाने के लिए ले जाया गया. इसके अलावा कुछ चश्मदीदों का यह भी कहना है कि उन्होंने भारी गोलाबारी की आवाज भी सुनी जब आतंकियों के ठिकानों को नष्ट किया गया.

अंग्रेजी अखबार के मुताबिक लोगों का मानना है कि इस सर्जिकल स्ट्राइक में आतंकियों को उतना नुकसान नहीं हुआ, जितना की भारतीय सेना और मीडिया द्वारा बताया जा रहा है.

इंडियन एक्सप्रेस

दावा बड़ा, नुकसान कम

रिपोर्ट के मुताबिक चश्मदीदों का मानना है कि मारे गए आतंकियों की संख्या 38 से कम रही होगी और नुकसान भी काफी कम हुआ होगा.

अखबार का कहना है कि चश्मदीदों के कुछ रिश्तेदार भारत की तरफ वाले इलाके में रहते हैं. उन लोगों की मदद से ही इंडियन एक्सप्रेस सर्जिकल स्ट्राइक के इन चश्मदीदों से बात करने में कामयाब हो सका.

चश्मदीदों ने साथ ही उन जगहों का भी जिक्र किया, जहां पर सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया गया. अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस ने कुल पांच लोगों से इस बारे में बात की.

पांच चश्मदीदों से बातचीत

इन पांच चश्मदीदों में से दो लोगों ने सर्जिकल स्ट्राइक को सबसे करीब से महसूस करने का दावा किया है. यह दोनों शख्स दुदनैल इलाके में मौजूद थे. यह जगह नियंत्रण रेखा से 4 किलोमीटर अंदर (पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर की तरफ) है.

चश्मदीदों ने अंग्रेजी अखबार से बातचीत में बताया है कि वहां अल-हवाई नाम का एक पुल है. उसके पास बनी एक बिल्डिंग को कार्रवाई के दौरान नष्ट किया गया था. चश्मदीदों का कहना है कि उस जगह से ही आतंकी सामान लेकर भारत की तरफ दाखिल होने के लिए निकलते थे.

चलाना में भारत से बदला लेने की बात

चश्मदीदों का यह भी कहना है कि 5 या 6 शवों को सुबह ट्रक में भरकर ले जाया गया था. अखबार के मुताबिक चश्मदीदों को लगता है कि शायद उन्हें पास ही के बड़े लश्कर कैंप में ले जाया गया होगा. वह कैंप चलाना इलाके में है.

चलाना में ही एक मस्जिद भी है जिसमें उस सुबह, रात को मारे गए लोगों का बदला लेने की बात भी कही गई थी. चश्मदीद के मुताबिक मस्जिद में जमा हुए लोग पाकिस्तानी सेना को हमले के लिए जिम्मेदार बता रहे थे.

अंग्रेजी अखबार के मुताबिक वे लोग यह भी कह रहे थे कि आने वाले वक्त में भारत को जवाब दिया जाएगा जिसे भारत कभी नहीं भूलेगा.

पाकिस्तानी मीडिया का दावा है कि भारत सर्जिकल स्ट्राइक पर झूठ बोल रहा है. (कैच)

जेहादियों की पनाहगाह तबाह

अंग्रेजी अखबार के मुताबिक एक चश्मदीद ने तो ये भी बताया कि जेहादियों की पनाहगाहों को तबाह कर दिया गया. दोनों पक्षों के बीच इस दौरान भारी गोलीबारी भी हुई. जिहादियों की ये मेकशिफ्ट बिल्डिंग उनके इस पार आने से पहले अपने मुल्क की आखिरी पनाहगाह होती थी.

चश्मदीदों के इस बयान से भारतीय सेना के दावे की पुष्टि होती है, जिसमें उन्होंने आतंकी लॉन्च पैड के खिलाफ हमले किए जाने की बात कही थी. इससे पाकिस्तान के उस दावे की भी पोल खुलती है जिसमें उसने सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर मोर्टार दागने की बात कही थी.

नियंत्रण रेखा के पास रहने वालों ने सर्जिकल स्ट्राइक के दौरान निशाना बनाए गए ठिकानों की भी जानकारी दी जो न तो भारत और न ही पाकिस्तान की ओर से सार्वजनिक की गई है. अखबार के मुताबिक इस हमले में जेहादियों के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है.

खैराती बाग में 3-4 लोग मारे गए

एक चश्मदीद ने बताया कि भारतीय सेना ने खैराती बाग के पास बनी एक तीन मंजिला बिल्डिंग को भी नष्ट किया था. 2003 तक वहां से आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का बड़ा कैंप चलता था. जमात-उद-दावा से जुड़े फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन का यहां कैंप था.

चश्मदीद ने बताया कि वहां 3-4 लोग मारे गए थे. इसके अलावा एक चश्मदीद ने नीलम जिले में बने एक अस्पताल में भी भारतीय सेना की सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में लोगों को बात करते हुए सुना था. लेकिन वहां मारे गए लोगों के अंतिम संस्कार के बारे में कुछ पता नहीं चल सका.

कार्रवाई से पहले 9 इंटेलिजेंस अलर्ट

अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक सर्जिकल स्ट्राइक से एक हफ्ते पहले नौ इंटेलिजेंस अलर्ट की बात सामने आई थी. इस दौरान तथाकथित आतंकी लॉन्च पैड से छोटे समूहों में पांच से दस घुसपैठ की कोशिश हुई थी.

एक प्रत्यक्षदर्शी का कहना है कि लीपा इलाके में जहां तकरीबन 25 छोटे-छोटे गांव हैं, काजी नाग नाले के करीब पहाड़ियों के ऊपर नौगाम में सर्जिकल स्ट्राइक के दौरान लॉन्च पैड को निशाना बनाया गया.  

First published: 5 October 2016, 9:16 IST
 
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