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अब पैसों के दम पर नहीं खरीदी जा सकेगी कोख, लोकसभा में पास हुआ सेरोगेसी विधेयक

कैच ब्यूरो | Updated on: 20 December 2018, 12:06 IST

बुधवार को लोकसभा में सेरोगेसी (नियामक) विधेयक 2016 पारित कर दिया गया है. इस विधेयक के तहत सेरोगेसी यानी किराए की कोख से जुड़े नियमन को सुनिश्चित किया जाएगा. इसी के साथ व्यवसाय के तौर पर हो रही सेरोगेसी को अब से प्रतिबंधित कर दिया गया है. इस विधेयक के पास होने के बाद से भारत में केवल जरूरतमंद निसंतान दम्पत्तियों को ही सेरोगेसी का लाभ मिल सकेगा.

यानी अब से सेरोगेसी को व्यवसाय के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा. अब से केवल अपनी इच्छा से कोई महिला परोपकार करने के लिए ही अपनी कोख का इस्तेमाल कर सकेगी. इसी के साथ एक महिला अपनी लाइफ में केवल एक ही बार सेरोगेसी कर सकेगी.

सेरोगेसी को व्यवसाय के रूप में प्रतिबंधित करने के लिए कई कठोर कानून भी बनाए गए हैं. सेरोगेसी प्रतिबंधित करने के लिए बनाए गए नियमों के उल्लंघन करने पर बिल के अंतर्गत कठोर सजा का भी प्रावधान है. गौरतलब है कि देश में कुछ जाने-माने सेलिब्रिटीज ने भी सेरोगेसी की मदद से संतान प्राप्त की है. आमिर खान, शाहरुख खान, तुषार कपूर और करण जौहर जैसे स्टार्स ने सेरोगेसी के जरिये संतान प्राप्ति की है.

केवल ये लोग ही कर पाएंगे सेरोगेसी का इस्तेमाल

सेरोगेसी विधेयक 2016 पास होने के बाद से देश में केवल वो दंपति ही इसका इस्तेमाल कर सकेंगे जो माता पिता बनने में सक्षम नहीं है. या फिर दंपति में कोई मां या पिता नहीं बन सकता है. इसके अलावा गंभीर रूप से शारीरिक या मानसिक रूप से असमर्थ या गंभीर बीमारी से पीड़ित दंपति भी इसके इस्तेमाल की इजाजत पा सकते हैं.

इस बिल के तहत उन लोगों को ये सुविधा नहीं मिल सकेगी जो कि सिंगल हैं. यानी सिंगल पुरुष या महिला कोई भी सेरोगेसी के तहत संतान नहीं पा सकते हैं. वहीं अविवाहित जोड़े भी सेरोगेसी का सहारा नहीं ले सकते हैं. इसी एक साथ होमोसेक्सुअल्स को भी सेरोगेसी की अनुमति नहीं दी जाएगी.

सेरोगेसी के व्यवसाय पर प्रतिबंध

इस बिल का सबसे प्रमुख प्रावधान ये है कि सेरोगेसी को अब केवल परोपकार के रूप में ही इस्तेमाल किया जा सकेगा. इस बिल के तहत देश में कर्मशल सरोगेसी पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है. इसके तहत अब सेरोगेसी की सुविधा ले रहे लोग महिला के मेडिकल खर्चों को ही वहन करेंगे. इसके अलावा महिला के इंश्योरेंस कवरेज का भी भुगतान करेंगे.

कौन दे सकता है अपनी कोख

इस बिल में सेरोगेसी करने वाली महिला को लेकर भी नियामक तय किये गए हैं. इसके तहत सरोगेसी करने वाली महिला संतान प्राप्ति की चाह रखने वाले दंपती की करीबी रिश्तेदार होनी चाहिए. सेरोगेसी करने वलिव महिला की उम्र 25 से 35 साल के बीच होनी चाहिए. इतना ही नहीं सेरोगेसी करने के लिए आव्यश्यक है कि उस का भी कम से कम एक बच्चा हो.

 

इस बिल में ये भी प्रावधान है कि कोई महिला जीवन में केवल एक ही बार सेरोगेसी कर पाएगी. इस बिल से महिला एवं बाल विकास मंत्रालय का पुराना नियम खत्म हो जाएगा. पुराने नियम के अनुसार किसी महिला को अपने बच्चे के साथ ही सेरोगेसी के जरिए पांच बार तक बच्चे पैदा करने की अनुमति मिलती थी.

मिलेगी सख्त सजा

सेरोगेसी बिल के उल्लंघन करने पर दंपति और सेरोगेट महिला को 5 से 10 साल तक की सजा सुनाई जाएगी. इसके अलावा 5 लाख से 10 लाख का जुर्माना भी लगाया जाएगा.  वहीं अगर किसी चिकित्सक ने ये नियम तोड़ा तो उसे भी 5 से 10 लाख तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है.

 

First published: 20 December 2018, 12:06 IST
 
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