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संयुक्त राष्ट्र में भारत का जवाब, कश्मीर का ख्वाब देखना बंद करे पाकिस्तान

कैच ब्यूरो | Updated on: 26 September 2016, 20:38 IST
QUICK PILL
  • संयुक्त राष्ट्र् में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने आतंकवाद को बढ़ावा देने के मामले में पाकिस्तान को वैश्विक मंच पर अलग-थलग किए जाने की अपील करते हुए दुनिया के देशों से इस लड़ाई में एकजुट होने की अपील की. 
  • सुषमा स्वराज ने कहा कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और अगर किसी देश को लगता है कि वह हमारे किसी हिस्से को हमसे छीन लेगा तो उसे यह ख्वाब देखना बंद कर देना चाहिए.
  • आतंकवाद के प्रति दोहरे रवैये को लेकर स्वराज ने पाकिस्तान को दो टूक जवाब दिया. विदेश मंत्री ने नवाज शरीफ के इस आरोप का भी जवाब दिया कि भारत शर्तों के साथ बातचीत करना चाहता है. उन्होंने कहा, \'हमने बातचीत के लिए कभी कोई शर्त नहीं रखी बल्कि आपसी रिश्तों को मजबूत करने का काम किया.\' \'लेकिन बदले में लेकिन बदले में हमें क्या मिला? पठानकोट, उरी और बहादुर अली?\'

संयुक्त राष्ट्र में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने आतंकवाद को बढ़ावा देने के मामले में पाकिस्तान को वैश्विक मंच पर अलग-थलग किए जाने की अपील करते हुए दुनिया के देशों से इस लड़ाई में एकजुट होने की अपील की. 

जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा के पास उरी में सेना मुख्यालय पर हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान फिर से कटघरे में है. इससे पहले पंजाब के पठानकोट में एयर बेस पर हुए हमले में भी पाकिस्तान की भूमिका सामने आ चुकी है. 

स्वराज ने कहा, 'अगर कोई देश आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में साथ नहीं आता है तो उसे अलग-थलग किया जाना चाहिए.'

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के संयुक्त राष्ट्र में भाषण के बाद यह माना जा रहा था कि भारत की विदेश मंत्री पाकिस्तान के आरोपों का जवाब देंगी. नवाज शरीफ ने कश्मीर मुद्दा उठाते हुए संयुक्त राष्ट्र से दखल दिए जाने की मांग की थी. 

शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर का मामला सोची समझी रणनीति के तहत उठाया था ताकि दुनिया के सामने उरी हमले में पाकिस्तान की भूमिका को छिपाया जा सके. हालांकि शरीफ अपनी इस कोशिश में कामयाब नहीं हो पाए. उन्हें न तो संयुक्त राष्ट्र और न ही किसी अन्य सदस्य देश का समर्थन मिला. उल्टा चीन जैसे सहयोगी ने भी उरी हमले में पाकिस्तान का किसी तरह का बचाव नहीं किया.

कश्मीर का सपना देखना बंद करे पाकिस्तान

नवाज शरीफ के कश्मीर का मुद्दा उठाए जाने का जवाब देते हुए विदेश मंत्री ने कहा, 'कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और यह हमेशा ही रहेगा. आप (पाकिस्तान) सपना देखना छोड़ दीजिए.' 

आतंकवाद को बढ़ावा देने के नतीजों को लेकर पाकिस्तान को आगाह करते हुए स्वराज ने कहा कि जो देश आतंकी विचारधारा को बढ़ावा देते हैं उन्हेंं खुद इसका शिकार होना पड़ता है.

आतंकवाद के प्रति दोहरे रवैये को लेकर स्वराज ने पाकिस्तान को दो टूक जवाब दिया. विदेश मंत्री ने नवाज शरीफ के इस आरोप का भी जवाब दिया कि भारत शर्तों के साथ बातचीत करना चाहता है. 

उन्होंने कहा, 'हमने बातचीत के लिए कभी कोई शर्त नहीं रखी बल्कि आपसी रिश्तों को मजबूत करने का काम किया.' 'लेकिन बदले में लेकिन बदले में हमें क्या मिला? पठानकोट, उरी और बहादुर अली?' स्वराज ने कहा, 'बहादुर अली पाकिस्तान के आंतकी नीति का जीता जागता सबूत है.' 

स्वराज ने नवाज शरीफ के कश्मीर को लेकर दिए गए बयान का सधा हुआ जवाब दिया. पाकिस्तान को बलोचिस्तान में चल रहे बलोच आंदोलन और पाकिस्तानी सेना के दमन और क्रूरता की याद दिलाते हुए उन्होंने कहा, 'जिनके अपने घर शीशे के हो उन्हें दूसरे पर पत्थर नहीं फेंकने चाहिए.'

आतंकवाद पाकिस्तान का सगा नहीं

पाकिस्तान को कटघरे में खड़ा करते हुए स्वराज ने कहा कि आतंकवादियों को पालना कुछ देशों का शौक बन गया है और ऐसे देशों को वैश्विक मंचों पर अलग-थलग किया जाना चाहिए. 

उन्होंने कहा, 'हमें उन्हें पहचानने की जरूरत है जो आतंकियों को पनाह  देते हैं. वह कैसे आतंकी वारदात को अंजाम देते हैं? हमें आतंकवाद का खात्मा करने की जरूरत है.'

स्वराज ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के हर दावे की तह खोल कर रख दी. शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र के अपने भाषण में परोक्ष तौर पर बलोचिस्तान समस्या के लिए भारत को जिम्मेदार बताया था. हालांकि यह अलग बात है कि पाकिस्तान बलोचिस्तान के मामले में भारत की संलिप्तता का अभी तक कोई सबूत नहीं दे पाया है.

आतंकवाद की फंडिंग को लेकर पाकिस्तान की भूमिका पर सवाल करते हुए स्वराज ने कहा, 'कौन आतंक और आतंकवाद की फंडिंग करता है? कुछ दिनों पहले ही अफगानिस्तान ने इस मंच से यह सवाल पूछा था.' 

पाकिस्तान पर आतंकवाद को बढ़ावा देने की सच्चाई दुनिया के सामने साबित हो चुकी है. हालांकि इसके बावजूद शरीफ ने कश्मीर में मानवाधिकार का मुद्दा उठाकर भारत को घेरने की कोशिश की थी. स्वराज ने कहा, 'आतंकवाद मानवाधिकारों का सबसे बड़ा उल्लंघन है क्योंकि वह निर्दोष लोगों को मारता है.'

सुषमा स्वराज ने पर्यावरण की बिगड़ी हालत पर चिंता जताते हुए कहा कि भारत ने 2 अक्टूबर को पेरिस जलवायु सम्मेलन को अनुमोदित करने का फैसला किया है. स्वराज ने संयुक्त राष्ट्र में स्वच्छ भारत अभियान का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि आज हमारे सामने सबसे बड़ी समस्या गरीबी है. इसके अलावा उन्होंने समलैंगिकों के अधिकारों, सैनिटेशन और लैंगिक समानता के अधिकारों का भी जिक्र किया.

First published: 26 September 2016, 20:38 IST
 
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