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सुषमा की चीन को दो टूक- डोकलाम से सेना हटाने पर ही भारत उठाएगा क़दम

कैच ब्यूरो | Updated on: 20 July 2017, 17:37 IST

चीन पर एलएसी (LaC) पर बढ़ती तनातनी के बीच विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज ने गुरुवार को राज्‍यसभा में बयान दिया. सुषमा ने कहा कि चीन, डोकलाम की मौजूदा स्थिति को अपने हिसाब से बदलना चाहता है. हालांकि मौजूदा गतिरोध पर कानूनी तौर पर भारत का पक्ष मजबूत है. दुनिया के तमाम देश भारत के साथ इस मसले पर खड़े हैं.

सुषमा स्वराज ने गुरुवार को संसद में कहा है कि पहले चीन डोकलाम से अपनी सेना हटाए, उसी के बाद भारत अपनी सेना हटाने पर विचार करेगा. सुषमा ने कहा है कि भारत अपनी सीमा की रक्षा करने में सक्षम हैं. सुषमा ने कहा कि कोई भी देश अपने हिसाब से डोकलाम ट्राईजंक्‍शन को नहीं बदल सकता. भूटान के प्रति चीन ने आक्रामक रुख अख्तियार कर रखा है.

क्या है डोकलाम विवाद?

डोकलाम जिसे भूटान में डोलम कहते हैं. करीब 300 वर्ग किलोमीटर का ये इलाका चीन की चुंबी वैली से सटा हुआ है और सिक्किम के नाथुला दर्रे के करीब है. इसलिए इस इलाके को ट्राई जंक्शन के नाम भी जाना जाता है. ये डैगर यानी एक खंजर की तरह का भौगोलिक इलाका है, जो भारत के चिकन नेक यानी सिलिगुड़ी कॉरिडोर की तरफ जाता है. चीन की चुंबी वैली का यहां आखिरी शहर है याटूंग. चीन इसी याटूंग शहर से लेकर विवादित डोलम इलाके तक सड़क बनाना चाहता है.

भूटान को सड़क से ऐतराज

चीन की सड़क बनाने की कोशिश का पहले भूटान ने विरोध जताया और फिर भारतीय सेना ने. भारतीय सैनिकों की इस इलाके में मौजूदगी से चीन हड़बड़ा गया है. चीन को ये बर्दाश्त नहीं हो रहा कि जब विवाद चीन और भूटान के बीच है तो उसमें भारत सीधे तौर से दखलअंदाजी क्यों कर रहा है. पिछले महीने की 16 जून से भारत और चीन की सेना के बीच गतिरोध जारी है.

First published: 20 July 2017, 17:37 IST
 
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