Home » इंडिया » swamy sewak in Modi government
 

सरकार में स्वयंसेवक: भाजपाई चेहरा होंगे, संघ उनका चाणक्य

समीर चौगांवकर | Updated on: 14 August 2016, 7:59 IST

केन्द्र में दो साल से ज्यादा पूरे कर चुकी मोदी सरकार के कामकाज में अब संघ की भूमिका और बढ़ने वाली है. संघ ने मोदी सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और संस्थानों में मंत्रियों और प्रमुखों को कामकाज में सहयोग करने, संघ की विचारधारा से विभिन्न मंत्रालयों को अवगत कराने तथा मंत्रालयों में संघ क प्रति सकारात्मक माहौल बनाने के लिए शुरुआत से ही अपने स्वयंसेवकों को मोदी सरकार के मंत्रियों के साथ पीए, ओएसडी के रूप में नियुक्त करवाया था.

गौरतलब है कि मोदी सरकार में ज्यादातर उन्हीं मंत्रियों ने इनको अपने स्टाफ में जगह दी थी जो संघ पृष्ठभूमि या संघ विचारधारा से जुडे माने जाते है. इन मंत्रियों में सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत, पर्यटन मंत्री महेश शर्मा, सूचना और प्रसारण मंत्री वैकेया नायडू, श्रम मंत्री बंडारू दत्तात्रेय, वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारमण आदि शामिल है. अब कुछ और मंत्रालयों में भी स्वयंसेवकों की नियुक्ति होने जा रही है.

भाजपा तिरंगा यात्रा निकाल रही है लेकिन संघ इस तिरंगे से हमेशा नफरत करता रहा है

जिन मंत्रियों के यहा संघ के स्वयंसेवक जल्द ही अपनी जिम्मेंदारी संभालेंगे उनमें ग्रामीण विकास मंत्री नरेंन्द्र सिंह तोमर, खेल और युवा मामलों के मंत्री विजय गोयल, मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर और पुरुषोत्तम रूपाला जैसे मंत्री शामिल है.

सूर्या फाउंडेशन

संघ की विचारधारा से जुड़ा संगठन सूर्या फाउंडेशन केन्द्र के मंत्रियों के साथ भाजपा के नेताओं को बड़ी संख्या में मानव संसाधन उपलब्ध करा रहा है. भाजपा के एक नेता का कहना है कि लगभग 250 के करीब संघ पृष्ठभूमि के स्वयंसेवक केन्द्र में मोदी सरकर के मंत्रियों और भाजपा संगठन के नेताओं और सांसदों को अपनी सेवाएं दे रहे है.

दलितों पर राजनाथ सिंह का बयान दरअसल समस्या की अनदेखी और संकट को आमंत्रण है

सूर्या फाउंडेशन संघ की विचारधारा से जुड़ा एक एनजीओ है जिसके अध्यक्ष जय प्रकाश अग्रवाल हैं. दो साल पहले मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद इस संस्था ने दिल्ली-हरियाणा की सीमा पर स्थित झिंझोली गांव में 10 एकड़ का एक फार्म हाउस खरीदा था. इस फार्म हाउस का इस्तेमाल संघ के कार्यक्रमों और विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए किया जाता है. इस फार्म हाउस में भाजपा भी अपने कई कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर आयोजित कर चुकी है.

सरकार के साथ स्वयंसेवकों की नियमित बैठक

केन्द्र सरकार के मंत्री के ओएसडी की जिम्मेदारी निभा रहे एक स्वयंसेवक का कहना है कि मोदी सरकार में विभिन्न मंत्रियों के ओएसडी की जिम्मेदारी निभा रहे समान सोच वाले समस्त स्वंयसेवकों की एक बैठक 20 अगस्त के आसपास प्रस्तावित है.

ओएसडी की जिम्मेदारी निभा रहे समस्त स्वंयसेवकों की एक बैठक 20 अगस्त के आसपास प्रस्तावित है

इस बैठक में इस बात पर मंथन किया जाएगा कि कैसे सत्ता में रहते हुए विचारधारा, ईमानदारी और सिद्धांतों पर कायम रहा जाय और सरकार को भी सही दिशा मिलती रहे. इस बैठक में पेश आने वाली समस्याओं से निपटने और काम को और प्रभावी बनाने के लिए विचार विमर्श करने के साथ ही विचारों और सुझावों का आदान प्रदान किया जाएगा.

आगे चलकर संघ का विचार इस बैठक को संस्थागत रूप देने का है ताकि नियमित अंतराल पर सभी पीए और ओएसडी (स्वयंसेवक) आपस में विचार विमर्श कर सकें और साथ ही संघ को भी सरकार के रुख से अवगत कराते रहें.

दो साल भगवाराज: संघ अब मोदी के पीछे नहीं, साथ-साथ चल रहा है

इस बैठक को चाणक्य शाखा या वामन शाखा नाम देने पर भी विचार चल रहा है. इस शाखा की बैठक फिलहाल हर माह आयोजित करने पर सहमति बन गई है. फिलहाल सरकार के विभिन्न मंत्रालयों के साथ जुड़कर ओएसडी आदि के रूप में काम कर रहे स्वयंसेवकों का पहला प्रशिक्षण मुंबई स्थित राम भाउ म्हालगी में होना है.

सरकार के तमाम हिस्सों के साथ जुड़े स्वयंसेवकों को और अधिक परिपक्व बनाने और विपरीत परिस्थितियों में भी विचारधारा और संस्कार से समझौता न करने के लिए मुंबई में स्थित संघ के प्रशिक्षण केन्द्र रामभाउ म्हालगी प्रबोधनी में प्रशिक्षण दिया जाएगा. पहला प्रशिक्षण शिविर अक्टूबर माह में आयोजित किया जाएगा.

First published: 14 August 2016, 7:59 IST
 
समीर चौगांवकर @catchhindi

विशेष संवाददाता, राजस्थान पत्रिका

पिछली कहानी
अगली कहानी