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सुब्रमण्यम स्वामी का खुलासा: जानिए पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम के 21 विदेशी खातों के बारे में

कैच ब्यूरो | Updated on: 21 February 2017, 8:06 IST
कैच न्यूज़

भाजपा के राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम के 21 विदेशी खाते का ब्यौरा सार्वजनिक कर नया तूफान खड़ा कर दिया है. स्वामी ने यह आरोप भी लगाया है कि वित्त मंत्रालय और आयकर विभाग ने इसकी जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई नहीं की है.

पी गुरूज़ नाम की वेबसाइट पर जारी किए गए इन दस्तावेजों के बारे में स्वामी ने कहा कि मंत्रालय में मौजूद पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के दोस्तों ने चेन्नई के आयकर विभाग पर इस मामले में जांच नहीं करने का दबाव डाला था. उन्होंने यह भी कहा है कि कार्ति ने अपने विदेशी खातों की जानकारी आयकर विभाग को नहीं दी थी.

स्वामी ने दावा किया कि उन्हें यह लिस्ट एक व्हिसल ब्लोअर अधिकारी ने पिछले हफ्ते सौंपी है जो आयकर विभाग में काम करते हैं. स्वामी ने साथ में यह भी जोड़ा कि चेन्नई से लेकर दिल्ली तक आयकर विभाग के अधिकारी बेहद दबाव में हैं. स्वामी के मुताबिक चेन्नई में आयकर के महानिदेशक को कुछ महीने पहले कार्ति के इन खातों के बारे में पता चला था. बावजूद इसके वित्त मंत्रालय या विभाग ने कार्रवाई का कोई आदेश नहीं दिया.

जाहिर है स्वामी के निशाने पर कार्ति और पी चिंदबरम के अलावा वित्तमंत्री अरुण जेटली भी हैं. उन्होंने वित्त मंत्रालय पर इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं किए जाने को लेकर अतीत में भी कई बार अरुण जेटली पर निशाना साधा है. 

सीबीआई और ईडी के संज्ञान में

पी गुरुज़ पर जिन 21 विदेशी खातों का ब्यौरा उन्होंने सार्वजनिक किया है, उनमें मोनाको के बार्कले बैंक, यूके के मेट्रो बैंक, सिंगापुर के स्टैंडर्ड चार्टर्ड और ओसीबीसी बैंक, यूके के एचएसबीसी बैंक, फ्रांस के डचेज़ बैंक, स्विटज़रलैंड के यूबीएस बैंक, कैलिफोर्निया के वेल्स फार्गो बैंक आदि शामिल हैं. दस्तावेज़ में यह भी बताया गया है कि सभी बैंक खाते उन कंपनियों से जुड़े हैं जिन पर कार्ति का नियंत्रण है.

स्वामी ने कहा कि पिछले आठ महीने से चेन्नई स्थित आयकर विभाग कार्यालय ने कोई कार्रवाई नहीं की क्योंकि चिदंबरम के दोस्त वित्त मंत्रालय में हैं और अधिकारियों पर उनका दबाव है. उनके मुताबिक इन 21 विदेशी खातों की जानकारी सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय को दी गई थी. प्रवर्तन निदेशालय ने उन्हें तीन-तीन समन भेजे लेकिन वह हाज़िर नहीं हुए मगर इसके बावजूद एजेंसियां कार्रवाई के लिए आगे नहीं बढ़ पाईं.

अपनी पार्टी पर हमला

2014 के आम चुनाव में कार्ति भी बतौर उम्मीदवार चुनाव में उतरे थे मगर स्वामी के मुताबिक उन्होंने अपने हलफनामों में इन खातों का ज़िक्र नहीं किया था. उन्होंने कहा कि इन आरोपों पर प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट की धारा 13(1) (d) (iii) के तहत कार्ति और उनके पिता पर कार्रवाई होनी चाहिए. चिदंबरम पर इसलिए क्योंकि वित्त मंत्री रहते हुए उन्होंने विदेश में अवैध तरीक़े से धन जुटाने में मदद की जो बाद में उन कंपनियों में जमा की गईं जिनका सीधा नियंत्रण कार्ति के पास है.

पिता-पुत्र पर कार्रवाई नहीं होने से स्वामी अपनी पार्टी पर भी हमला करने से नहीं चूके. उन्होंने कहा कि कार्रवाई की बजाय भाजपा राज्यसभा में संशोधन के ज़रिए पीसीए कानून की उपरोक्त धाराओं को हटाने की कोशिश कर रही है ताकि चिदंबरम और उनके बेटे बच निकलें.

स्वामी ने नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर इस मामले में कार्रवाई की मांग उठाई है. उन्होंने लिखा है, मोदी के लिए भ्रष्टाचार पर लगाम कसना बहुत मुश्किल होगा अगर इसी तरह सरकारी अधिकारी खुद भी चिदंबरम के घोटाले का हिस्सा होंगे.

पी चिदंबरम के बेटे कीर्ति चिदंबरम के विदेशी बैंक खातों का ब्यौरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्वामी ने कीर्ति और उनके पिता चिदंबरम पर कार्रवाई के लिए चिट्ठी लिखी है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्वामी ने कीर्ति और उनके पिता चिदंबरम पर कार्रवाई के लिए चिट्ठी लिखी है.
First published: 21 February 2017, 8:06 IST
 
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