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टिड्डियों के दल ने मचाया प्रयागराज में आतंक, भारत-पाक बैठक कर निकालेंगे समस्या का समाधान

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 June 2020, 11:11 IST

Locust Attack: पाकिस्तान (Pakistan) की ओर से आए टिड्डियों (Locusts) के सैकड़ों दलों ने राजस्थान (Rajasthan), मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh), गुजरात (Gujarat), महाराष्ट्र (Maharashtra) और उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में फसलों (Crops) को बर्बाद (Destroy) कर दिया. अब टिड्डियों के ये दल (Locust Swarms) उत्तर प्रदेश के प्रयागराज पहुंच गए हैं. जिससे किसानों को फसलों के बर्बाद होने का डर सताने लगा है. टिड्डियों को भागने के लिए लोगों ने न सिर्फ बर्तन बजाए बल्कि तेज म्यूजिक बजाया.

बता दें कि मार्च-अप्रैल के महीने में करोड़ों की संख्या में टिड्डियों ने पाकिस्तान की ओर से राजस्थान के जैसलमेर में प्रवेश किया था. उसके बाद टिड्डियों का ये दल, अजमेर, जयपुर होते हुए दौसा तक पहुंच गया. जहां इन्होंने किसानों की फसल बर्बाद कर दी. उसके बाद मार्च का तीसरे सप्ताह तक टिड्डियों के इस दल ने मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की सीमा में प्रवेश कर लिया. जिससे बाद उत्तर प्रदेश सरकार को टिड्डियों के चलते हाई अलर्ट जारी करना पड़ा. साथ ही जिला प्रशासन को टिड्डियों के आतंक से बचने के लिए इंतजाम करने के भी आदेश दिए गए. जिससे किसानों की फसलों को बचाया जा सके.


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टिड्डियों की इसी समस्या से निपटने के लिए भारत और पाकिस्तान के बीच 18 जून को पहली बैठक हो सकती है. जानकारी के मुताबिक, दोनों देश इस समस्या से निपटने के लिए जून से नवंबर तक छह द्विपक्षीय बैठकों का आयोजन करेंगे. राजनयिक सूत्रों के मुताबिक, अब तक टिड्डियों के मुद्दे को हल करने के लिए पाकिस्तान ने अभी तक भारत के अनुरोध पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन तकनीकी स्तर की बैठक के 18 जून को आयोजित होने की संभावना है.

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बताया जा रहा है कि दोनों देशों को तकनीकी स्तर की बैठक के लिए मुनाबाओ (भारत की तरफ) या जून-नवंबर के दौरान खोखरोपर (पाकिस्तान की तरफ) में छह बार बैठक करने की उम्मीद है. बता दें कि भारत ने बलूचिस्तान और दक्षिण खुरासान प्रांतों में मरुस्थलीय टिड्डियों को नियंत्रित करने के लिए ईरान को भी कीटनाशक की सप्लाई करने का प्रस्ताव दिया है. केंद्रीय टिड्डी चेतावनी संगठन के अधिकारियों ने कहा है कि अरब सागर से मानसूनी हवाओं के साथ लाखों टिड्डियों के दल भारत पहुंचकर खरीफ फसलों को नुकसान पहुंचा सकते हैं. संगठन का कहना है कि ये टिड्डी दल जून के आखिर में या जुलाई की शुरुआत में फसलों पर हमला कर सकते हैं.

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First published: 11 June 2020, 11:11 IST
 
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