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शंकराचार्य: महाराष्ट्र में सूखे की वजह है साईं पूजा

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 April 2016, 13:43 IST

शारदा और द्वारका पीठ के प्रमुख शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने महाराष्ट्र में सूखे की मार को साईं पूजा से जोड़कर एक नया विवाद खड़ा कर दिया है.

हिंदू धर्मगुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती इससे पहले भी साईं को लेकर विवादित बयान दे चुके हैं. शंकराचार्य ने अपने ताजा बयान में कहा है कि महाराष्ट्र के लोग साईं की पूजा करते हैं और यह सूखा उसी कारण है.

स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने हरिद्वार में कहा है कि जब भी हिंदू जनमानस की ओर से गलत लोगों की पूजा होने लगती है तब सूखे और अकाल मौत जैसे हालात बनते हैं. वहीं शनि शिंगणापुर मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर स्वामीजी का कहना था कि अब महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ेंगे.

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शंकराचार्य ने कहा कि साईं का हिंदू धर्म से कोई साम्य नहीं था, वो तो एक फकीर थे और अमंगलकारी थे. जो पूजा करने लायक नहीं हैं और जब उनकी पूजा होती है तब आपदा तो आएगी. इन जगहों पर सूखा, बाढ़ और अकाल मौत होती है और महाराष्ट्र में यही सब हो रहा है.

shankaracharya on sai

शनि शिंगणापुर मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को भी उन्होंने गलत बताते हुए कहा कि यह प्रयोग भी दुर्भाग्य की ओर ले जाएगा. जिस तरह से महिलाओं पर अत्याचार हो रहे हैं वो तब तक नहीं रुकेंगे जब तक महिलाएं शनि की पूजा करना बंद नहीं करेंगी. उन्होंने कहा कि शनि तो भगवान हैं ही नहीं, वह तो एक ग्रह हैं और ग्रह की शांति होती है पूजा नहीं.

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गौरतलब है कि इससे पूर्व भी शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने साईं को लेकर विवादित बयान दिया था. स्वामी ने कहा था कि हिंदू जनमानस को साईं की पूजा नहीं करनी चाहिए और मंदिरों में साईं की मूर्ति की स्थापना नहीं करनी चाहिए.

अपने इस बयान के बाद शंकराचार्य ने साल 2014 में साईं पूजा के विरोध में एक धर्म संसद का भी आयोजन किया था जहां विभिन्न हिंदू धर्म गुरूओं द्वारा सर्वसम्मति से साईं पूजा के बहिष्कार की घोषणा की गई थी.

First published: 11 April 2016, 13:43 IST
 
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