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योगी की सबसे ऊंची राम प्रतिमा का हुआ बहिष्कार, धर्म संसद ने कहा ये रामभक्तों के साथ बेईमानी

कैच ब्यूरो | Updated on: 27 November 2018, 8:09 IST

अयोध्या में राम मंदिर और देश के पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव, इन दोनों मसलों पर इस समय देश में सियासी हलचल बढ़ती जा रही है. राम मंदिर निर्माण को लेकर चल रही तीन दिवसीय धर्म संसद के दूसरे दिन भी सरकार से राम मंदिर बनवाने को लेकर मुद्दा गर्माया रहा. धर्म संसद में देश विदेश से शामिल होने आये धर्म सांसदों ने योध्या में राम के भव्य मंदिर के निर्माण की मांग एक स्वर से की. संत समाज ने कहा कि तम्बू में रह रहे रामलला सौ करोड़ सनातनियों का अपमान है.

धर्म संसद में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सबसे ऊंची भगवान राम की प्रतिमा को लेकर भी संतों ने नाराजगी जताते हुए इसे उनके साथ बेईमानी करार दिया. इतना ही नहीं इस राम प्रतिमा को लेकर धर्म संसद में निंदा प्रस्ताव पारित किया गया.

धर्म संसद में जल पुरूष के नाम से पहचाने जाने वाले राजेंद्र सिंह ने योगी सरकार द्वारा राम की प्रतिमा के मुद्दे पर निंदा प्रस्ताव रखा. जिसका सभी धर्म सांसदों ने समर्थन किया. उन्होंने कहा, ''जहां पूरे देश के सनातनी रामलला के मंदिर के लिए कटिबद्ध हैं, ऐसे में मूर्ति की बात रामभक्तों के साथ बेईमानी है.''

राम मंदिर मामले में उमा भारती ने मांगा आजम खान का साथ, सभी पार्टियों से की साथ आने की अपील

गौरतलब है कि देश में इस समय राम मंदिर निर्माण को लेकर माहौल गर्माया हुआ है. रविवार को ही अयोध्या में भारी मात्रा में आरएसएस, विश्व हिन्दू परिषद्, शिव सेना समेत कई हिन्दू संगठनों ने रैलियां की. राम मंदिर मसले पर भारतीय जनता पार्टी की नेता उमा भारती ने आज़म खान समेत सभी पार्टियों से राम मंदिर के लिए साथ आने की अपील की. उन्होंने कहा, ''राम हमारे पेटेंट नहीं है.''

उमा भारती ने कहा कि इस मसले पर समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और अकाली दल सहित सभी पार्टियों को साथ आना चाहिए. मध्य प्रदेश में पत्रकारों से बात करते हुए बीजेपी की फायर ब्रांड नेता उमा भर्ती ने कहा कि इस मामले पर ओबीसी समाज और आजम खान को भी आगे आना चाहिए.

First published: 27 November 2018, 8:10 IST
 
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