Home » इंडिया » Tamil nadu Governor banwarilal purohit touches female journalist when asked questions in press conference
 

जब राज्यपाल से महिला पत्रकार ने पूछा सवाल तो जवाब की जगह राज्यपाल ने सहलाया गाल

कैच ब्यूरो | Updated on: 18 April 2018, 12:29 IST

महिलाओं के प्रति नकारात्मकता के उदाहरण समाज में कहीं न कहीं दिखते ही रहते हैं. पिछले कुछ दिनों में महिलाओं के प्रति अपमानजनक टिप्पणियां सामने हैं. हैरानी की बात ये है कि ये देश के उस पढ़े लिखे और जिम्मेदार वर्ग की तरफ से हैं जिन पर समाज की नजरें टिकी रहती हैं.

फिर चाहे वो निर्भया की मां पर किया गया अपमानजनक कमेंट क्यों न हो. इस बार ऐसा ही एक मामला तमिलनाडु में हुआ जहां प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब एक महिला पत्रकार ने राज्यपाल से सवाल पूछा तो उन्होंने जवाब नहीं बल्कि पत्रकार के गाल सहलाया और वहां से चले गए. महिला पत्रकार ने राज्यपाल के इस आचरण को गलत बताते हुए विरोध जताया है.

 

महिला पत्रकार के गाल पर हाथ लगाने को लेकर तमिलनाडु के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित विवाद में फंस गए हैं. कई वरिष्ठ पत्रकारों और नेताओं ने राज्यपाल की इस हरकत पर विरोध जताया है. हालांकि अभी इस पर राज्यपाल की ओर से कोई बयान नहीं आया है.

दरअसल राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित पर एक महिला असिस्टेंट प्रोफेसर ने टेप को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई थी. इस टेप में महिला प्रोफेसर छात्राओं से अच्छे अंक पाने के लिए प्रोफेसरों के लिए सेक्सुल फेवर देने की बात कह रही थी.

इसी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब एक महिला पत्रकार ने राज्यपाल से सवाल पूछा तो उन्होंने जवाब नहीं बल्कि पत्रकार के गाल सहलाया और वहां से चले गए. महिला पत्रकार ने राज्यपाल के इस आचरण को गलत बताते हुए विरोध जताया है.

महिला पत्राकर ने लगातार दो ट्वीट किए. पहले ट्वीट में उन्होंने लिखा, ''मैंने तमिलनाडु के गवर्नर बनवारीलाल पुरोहित से प्रेस कॉन्फ्रेंस के आखिर में एक सवाल पूछा. उन्होंने बिना मेरी इजाजत के मेरे गाल पर थपथपाया."

 

इसके बाद दूसरे ट्वीट में उन्होंने लिखा कि मैंने कई बार अपना चेहरा धोया लेकिन अभी तक इससे उबर नहीं पायी हूं. हो सकता है ये आपकी तरफ से प्रशंसा करने के लिए हो लेकिन मुझे ये पसंद नहीं आया. एक महिला को बिना उसकी इजाजत के छूना बिल्कुल गैर जरूरी था.

 

तमिलनाडु में विपक्षी पार्टी डीएमके नेता इस घटना की निंदा की है. डीएमके सांसद कनिमोई ने ट्वीट किया, "अगर संदेह नहीं भी किया जाए, तब भी सार्वजनिक पद पर बैठे एक व्यक्ति को इसकी मर्यादा समझनी चाहिए और एक महिला पत्रकार के निजी अंग को छूकर गरिमा का परिचय नहीं दिया या किसी भी इंसान द्वारा दिखाया जाने वाला सम्मान नहीं दर्शाया.''

डीएमके के कार्यकारी अध्यक्ष एम के स्टालिन ने ट्वीट किया, ''यह ना केवल दुर्भाग्यपूर्ण है बल्कि एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति का अनुपयुक्त कृत्य है.''

ये भी पढ़ें- 'नागिन 3' में मौनी रॉय की जगह लेने वाली नागिन का प्रोमो शूट

First published: 18 April 2018, 12:25 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी