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मुंबई: टाटा हेडक्वॉर्टर पर तीन फोटोग्राफरों की बुरी तरह पिटाई

पार्थ एमएन | Updated on: 8 November 2016, 12:13 IST
QUICK PILL
  • टाटा संस के हटाए गए चेयरमैन साइरस मिस्त्री के मुख्यालय पहुंचने के दौरान सुरक्षा गार्डों और मीडिया कर्मियों के बीच हाथापाई हो गई. 
  • इस मारपीट में 50 साल के एक फोटोग्राफर अतुल कुंबले बुरी तरह ज़ख्मी हैं जबकि दो अन्य  भी घायल हैं. 

अतुल कुंबले शुक्रवार दोपहर टाटा मुख्यालय गया था और शनिवार सुबह सेंट जॉर्ज अस्पताल में उनकी आंख खुली. बॉम्बे हाउस में इस उत्साही फोटोग्राफर को जम कर पीटा गया जहां टाटा का मुख्यालय है. होश आने पर कुंबले ने कहा, 'मैं अब भी अस्पताल में हूं'. वे कई साल से दोपहर के एक अखबार के लिए काम कर रहे हैं. उन्होंने फोन पर कहा, 'डॉक्टरों ने अभी छुटृी मिलने के बारे में नहीं बताया है. मेरे शरीर के उपरी हिस्से में बहुत दर्द है.'

यह सब कैसे हुआ?

शुक्रवार दोपहर बॉम्बे हाउस में बहुत गहमा-गहमी थी. टाटा संस के हटाए गए चेयरमैन साइरस मिस्त्री के बोर्ड की प्रस्तावित बैठक में आने की संभावना थी. करीब सवा दो बजे सुरक्षा गार्डों के घेरे में वे वहां पहुंचे, उनके पीछे फोटोग्राफर भी दौड़े और हमेशा की तरह सुरक्षा गार्डों और मीडिया कर्मियों में हंगामें की स्थिति हो गई. मिस्त्री के पहुंचते ही अचानक किसी फोटोग्राफर के कैमरे से एक सुरक्षा गार्ड का गाल रगड़ खा गया और उसने तैश में आकर कैमरामैन को इसके लिए भला-बुरा कहा. 

इस बीच कुंबले ने हस्तक्षेप करते हुए मामला शांत कराने की कोशिश की. उन्होंने कहा, 'यह 50 साल के वरिष्ठ फोटोग्राफर हैं. मैने गार्ड को समझाया कि कैमरा इस शख्स का नहीं था. इतनी भीड़ में यह पता लगाना कठिन है कि वास्तव में हुआ क्या था? यह एक दुर्घटना है और कोई भी व्यक्ति जान बूझकर ऐसा नहीं करेगा लेकिन सुरक्षा गार्ड कुछ भी सुनने के लिए तैयार नहीं था.'

उसने गंदी भाषा में कुंबले से कहा, 'तू बहुत सयाना है क्या? देखता हूं तेरे को' और इतना कहकर मुझे पीटना शुरू कर दिया. पांच से सात सुरक्षा गार्ड उनके इर्द-गिर्द जमा हो गए. उन्होंने मुझे बेरहमी से उस तरह पीटा जैसे पुलिस अफसर किसी गैंग के सरगना को पीटते हैं. बाद में टाटा समूह के प्रवक्ता देवाशीष रॉय ने पत्रकारों से माफी मांगी. उन्होंने कहा कि 'मारपीट में तीन सुरक्षा कर्मी भी चोटिल हुए हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

मुझे पता चला है कि कुछ पत्रकार भी घायल हुए हैं और उन्हें भी अस्पताल ले जाया गया है'. बाद में मयूरेश गुराव और गणेश शिंदे नामक दो सुरक्षाकर्मियों को गिरफतार कर तुरंत जमानत पर छोड़ दिया. उन्हें जांच होने तक निलंबित रखा गया है.

जब कुंबले के साथियों ने उन्हें बचाने की कोशिश की तो सुरक्षाकर्मियों ने उनके साथ भी वही सलूक किया. बिजनेस स्टैंडर्ड के सूर्यकांत रिवाटे और हिन्दुस्तान टाइम्स के अरिजीत सेन गंभीर रूप से घायल होने वालों में शामिल हैं. उन्हें भी इलाज के लिए सेंट जॉर्ज अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

इस वारदात को लेकर सोशल मीडिया में एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें चार-पांच सुरक्षा गार्ड एक फोटो पत्रकार पर टूट पड़े हैं. लात-घूसों से बुरी तरह पीटकर उसे परिसर से बाहर धकेल दिया गया.

कुंबले अब भी दर्द से कराह रहे हैं और यह नहीं मालूम कि अस्पताल से छुटृी कब मिलेगी. उन्हें अपने कैमरे की बहुत चिंता है फिर भी संतोष है कि बैग किसी अन्य ने संभाल लिया था. कुंबले का साढ़े चार लाख की कीमत का कैमरा सुरक्षित है लेकिन 35 हज़ार का लेंस बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया. 

नाराजगी और गुस्सा

मुंबई प्रेस क्लब ने एक विज्ञप्ति में इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए समूह के अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है कि सुरक्षाकर्मियों को ऐसा जघन्य कदम उठाने की अनुमति किसने दी? प्रेस क्लब ने कहा है कि टाटा जैसे बड़े कॉरपोरेट समूह के परिसर में हम इस तरह की हिंसक गतिविधियों की उम्मीद नहीं करते हैं. 

इस हमले का शिकार होने के बाद कुंबले का जूता, लेंस, ट्राइपॉड, कैमरा बैग, चश्मा सबकुछ बिखरा पड़ा था. उन्होंने कहा कि मैंने इस हमले के बाद अपना सामान समेटने की कोशिश की लेकिन फौरन हालत ख़राब होने के नाते मुझे फौरन अस्पताल में भर्ती करवाया गया. 

जिन फोटोग्राफर पर वहां हमला हुआ, उनमे कुंबले का कैमरा बैग सबसे महंगा था. हाल ही में उन्होंने इंग्लैंड क्रिकेट टीम का प्रैक्टिस सेशन कवर किया था जो भारत के साथ बहुप्रतिक्षित टेस्ट सिरीज़ की तैयारी कर रही है. 

एक और मुसीबत

टाटा समूह पहले ही मुसीबत में फंसा हुआ है. ऐसे में उसे कुंबले जैसे फोटोग्राफरों की पिटाई की वजह से एक और बदनामी झेलनी पड़ी. गार्डों ने कुंबले के सीने और पेट में बूटों से मारा. जब दर्द बर्दाश्त के  बाहर हो गया तो कुंबले ने उनसे रोकने की कोशिश की. मगर कुछ गार्ड उनका पांव पकड़कर घसीट रहे थे. इसी दौरान उनका जूता पांव से बाहर निकल गया. गार्डों ने जूते से भी उनकी पिटाई की. 

कुंबले ने कहा, 'मुझे लगा कि यह सब तुरंत ख़त्म हो जाएगा लेकिन वे नहीं रुके. मुझे ख़ुद से ज़्यादा मेरे सामान की फिक्र थी क्योंकि उसी की वजह से मेरा घर चलता है'. इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. जिसमें साफ दिख रहा है कि चार से पांच गार्डों ने एक फोटोग्राफर को पकड़ रखा है. सभी  उन्हें मार रहे हैं और धकेलते हुए टाटा परिसर से बाहर निकाल रहे हैं. 

First published: 8 November 2016, 12:13 IST
 
पार्थ एमएन @catchhindi

Parth is a special correspondent with the Los Angeles Times. He has a degree in mass communication and journalism from Journalism Mentor, Mumbai. Prior to journalism, Parth was a professional cricketer in Mumbai for 10 years.

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