Home » इंडिया » Tax evasion worth 25 times India's GDP? Opposition raises agricultural scam in Rajya Sabha
 

खेती की आड़ में टैक्स चोरी जीडीपी को भी पीछे छोड़ चुकी है

चारू कार्तिकेय | Updated on: 16 March 2016, 15:02 IST
QUICK PILL
  • न्यूज नेशन की रिपोर्ट के मुताबिक देश में कर चोरी की रकम करीब 2 लाख हजार करोड़ रुपये है जो देश के सालाना बजट के मुकाबले 100 गुणा अधिक रकम है.
  • जेडी-यू प्रमुख शरद यादव ने राज्यसभा में कहा कि कृषि आय में बढ़ोतरी दिखा कर टैक्स चोरी की गई. बसपा सुप्रीमो मायावती, सपा के नेता राम गोपाल यादव और सीपीएम नेता तपन सेन ने भी यादव के मुद्दे का समर्थन किया.

राज्यसभा में विपक्ष ने कर चोरी की बढ़ती मात्रा का मुद्दा उठाया. देश में कर चोरी की रकम करीब 2 हजार लाख करोड़ रुपये है जो देश के सालाना बजट के मुकाबले 110 गुणा और जीडीपी के मुकाबले 25 गुणा अधिक है.

न्यूज नेशन की रिपोर्ट का हवाला देते हुए जेडी-यू प्रमुख शरद यादव ने कहा कि कृषि आय में बढ़ोतरी दिखा कर कर चोरी की गई. यादव ने कहा कि वह बेहद दुख के साथ इन आंकड़ों को सामने रख रहे हैं क्योंकि इसे बिना सत्यापन के सामने रखना सही नहीं है. हालांकि इसके बावजूद यह बताता है कि देश में किसानों के नाम पर किस कदर धोखाधड़ी की जा रही है.

बहुजन समाज पार्टी की चीफ मायावती, सपा के नेता राम गोपाल यादव और सीपीएम नेता तपन सेन ने भी इस मुद्दे का समर्थन करते हुए सरकार से इस मामले में कार्रवाई किए जाने की मांग की.

शरद यादव और राम गोपाल यादव ने इस मामले को लेकर छोटे और मझोले किसानों पर सरकार से कर नहीं लगाए जाने की भी अपील की. विपक्ष के नेताओं ने चेयर से सरकार को उसका पक्ष रखने की भी अपील की.

क्या है मामला?

मीडिया रिपोर्ट ने आरटीआई से सामने आई जानकारी की मदद से बताया है कि 2011-12 में 6.5 लाख किसानों ने दो हजार लाख करोड़ रुपये की कमाई की. यह रकम देश की जीडीपी से भी अधिक है.

सीबीडीटी के आंतरिक लेटर में अधिकारियों से इन आंकड़ों का सत्यापन करने की अपील की गई है. अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट बताती है सीबीडीटी ने कई ऐसे करदाताओं की पहचान की जिन्होंने अपनी आय को कृषि से होने वाली आमदनी बताया. कृषि से होने वाली आमदनी पर किसानों को कर का भुगतान नहीं करना पड़ता है.

बोर्ड ने पटना हाई कोर्ट में दायर पीआईएल के बाद मामले का संज्ञान लिया. पीआईएल बताती है कि देश में अक्सर कृषि आय की आड़ में मनी लॉन्ड्रिंग का काम किया जाता है.

सरकार करेगी कार्रवाई

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने विपक्ष के सदस्यों को आश्वासन देते हुए कहा कि सरकार की मंशा किसानों पर कर लगाने की नहीं है. उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने कृषि आय की आड़ में अपनी आमदनी छुपाई है उनकी जांच की जाएगी.

जेटली ने कहा कि वह मामूली लोग नहीं हैं और जांच के बाद उन्हें यह शिकायत नहीं करनी चाहिए कि उन्हें राजनीति का शिकार बनाया गया है. 

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने जेटली के संकेतों को चुनौती दी जिसमें इशारों में कहा था कि कथित घोटाले में विपक्ष के नेताओं का भी हाथ हो सकता है. सिंह ने कहा कि जेटली ने इससे पहले देश को काले धन के मामले में गुमराह किया. उन्होंने कहा कि जेटली ने विदेशों में काला धन रखने वाले लोगों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं. 

सिंह ने कहा कि जेटली एक बार फिर से देश को गुमराह कर रहे हैं. उन्होंने एक बार फिर से जेटली को चुनौती देते हुए कहा कि वह उन लोगों के नाम सार्वजनिक करे न कि विपक्ष को धमकाए.

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First published: 16 March 2016, 15:02 IST
 
चारू कार्तिकेय @CharuKeya

Assistant Editor at Catch, Charu enjoys covering politics and uncovering politicians. Of nine years in journalism, he spent six happily covering Parliament and parliamentarians at Lok Sabha TV and the other three as news anchor at Doordarshan News. A Royal Enfield enthusiast, he dreams of having enough time to roar away towards Ladakh, but for the moment the only miles he's covering are the 20-km stretch between home and work.

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